
सड़क हादसों को नियंत्रित करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से अमल में लाने समेत अन्य संबंधित विषयों को लेकर उपायुक्त नैंसी सहाय की अध्यक्षता में आज गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक की गई।

बैठक में सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन कराने के साथ ही आये दिनों में हो रहे सड़क दुर्घटना के रोकथाम व बचाव हेतु उपायुक्त द्वारा कई आवश्यक बिंदुओं पर कार्य करने हेतु दिशा निर्देश दिए गए, जिसमें जिले में सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन व सड़क हादसे में कमी लाने, ब्लैक स्पॉट, वल्नरेबल एक्सीडेंटल पॉइंट्स एवं सड़कों के कर्व (टेढ़ी सड़क) स्थलों को चिन्ह्ति करते हुए आवश्यकतानुसार सुधार करने, जिले के सभी मीडिल व हाई स्कूलों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति बच्चों को जागरूक करने, बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने, ओवर लोडिंग, ओवर स्पीड, बिना सीट बेल्ट एवं स्टंट करने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई करने, ब्लड डोनेशन कैम्प के अलावा जिले के सभी थानों में पुलिस कर्मियों को फर्स्ट एड का प्रशिक्षण देने एवं कॉलेज व स्कूल में पढ़ने वालों बच्चों को कार्यशाला के माध्यम से जागरूक करने, हिट एण्ड रन से जुड़े लंबित मामलों का ससमय निराकरण करने, गुड समारिटन का परिचय देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने आदि को लेकर चर्चा की गई।

इस दौरान उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावे उपायुक्त श्रीमति सहाय ने शहरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा के दौरान ब्लैक स्पॉट को चिन्ह्ति करते हुए उन स्थानों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कार्य करने का निदेश दिया, ताकि ब्लैक स्पॉट वाली जगह हादसों में कमी लाई जा सके। एनएचएआई से संबंधित पथों पर ब्लैक स्पॉट एवं वल्नरेबल एक्सीडेंटल पॉइंट्स आदि पर विभिन्न आवश्यक सामग्रियों यथा- स्पीड ब्रेकर, कन्वैक्स मिरर तथा सोलर ब्लिंकर आदि को इंस्टॉल करा दिए जाने की जानकारी परियोजना निदेशक एनएचएआई के द्वारा दी गई। शहरी क्षेत्र के अलावा स्कूल, कॉलेज के आसपास छोटे व बड़े वाहनों द्वारा बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ट्रिपल लोडिंग, रैश ड्राइविंग एवं नियमों के उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इन्होंने नो हेलमेट नो पेट्रोल का बैनर हर पेट्रोल पंप में लगाने को कहा।
साथ ही जिले में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के साथ-साथ सभी अस्पतालों में इससे संबंधित बैनर-पोस्टर का अधिष्ठापन करने का निदेश दिया गया ताकि सड़क दुर्घटना के गोल्डेन पिरियड के भीतर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी मदद करने वाले व्यक्ति को बिना पुछताछ किये पुरस्कृत किया जा सके। जागरूकता के उद्देश्य से जिले में ब्लड डोनेशन कैम्प के आयोजन का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही, ताकि अन्य लोग भी इससे सबक लेते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।
बैठक में उपायुक्त के आलावा जिला परिवहन पदाधिकारी, डीएसपी मुख्यालय राजीव कुमार, एनएचएआई के प्रतिनिधि एवं सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
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