
जामताड़ा…..!
झारखंड का एक ऐसा जिला जो साइबर ठगी के मामले में सिर्फ भारत हीं नही बल्कि पूरी दुनिया मे अपने कारनामो के कारण चर्चा में है। यहां के ठगी का काला साम्राज्य का कई शाखा भारत के कई भागों में खुला था जिसका खुलासा हो रहा है।सबसे आश्चर्य की बात है कि यहां के ठगों ने ठगी का विश्वविधालय तक बना डाला। लोगो को साइबर ठगी का 15 से 20 हज़ार में क्रैश कोर्स कराकर लोगों को साइबर ठगी का डिग्री तक देने लगा।इन लोगों का सीधा फंडा था 20 हज़ार में टर्निंग लो,और लाखों कमाओ। इसके लिए सलाना 10 लाख खर्च भी करता था।आश्चर्य तो इस बात की है कि साइबर अपराध के मास्टरमाइंड की कोई खास डिग्री भी नही,साधारण पढ़े लिखे, मज़दूरी करने वाले साधारण लोग भी इस कला में महारत हासिल कर लेता है।

*देश भर में फैल रहा है अब इस कारोबार का जड़*

इस मामले में तीन दिन पहले जामताड़ा की नई ब्रांच का खुलासा हुआ था। पुलिस ने हरियाणा के मेवात में 2 लाख सिमकार्ड ब्लॉक किए थे। यहां के 14 गांवों में छुपकर काम कर रहे थे जामताड़ा के कई लोग। नूंह यानी मेवात पड़े पैमाने पर छापेमारी हुई। जामताड़ा के इन लोगों के करीब 300 अड्डों पर पुलिस पहुंची और तलाशी ली गई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। हरियाणा ही नहीं राजस्थान से भी जुड़े जामताड़ा के तार।
ठगी का क्रैश कोर्स करा रहा था जामताड़ा गैंग
इस रेड के बाद सामने आया कि यहां पर लंबे समय से जड़े फैलाने का काम चल रहा था। इनका मकसद था इस इलाके के लोगों को अपने साथ जोड़ना और इसके लिए जामताड़ा के शातिर लोगों ने ट्रेनिंग कैंप भी शुरू किए। ये ट्रेनिंग कैंप राजस्थान के अलवर औऱ भरतपुर जिलों में लगाए गए। बताया जा रहा है कि साइबर क्राइम की ट्रेनिंग देने के लिए इन कैंपों में बकायदा फीस भी चार्ज की जा रही थी। करीब 15-20 हजार रुपये ये इस ट्रेनिंग के लिए लेते थे।
पैसे देकर लो लूट की ट्रेनिंग
ट्रेनिंग में सिखाया जाता था कैसे फर्जी सिमकार्ड लेने हैं। कैसे बैंकों में फर्जी अकाउंट खुलवाने हैं। कैसे लोगों को अपने जाल में फंसाना है। जामताड़ा के हर काम इस क्रैश कोर्स में सिखाए जाते। कुछ ही दिनों में नए मेंबर इस काम में परफेक्ट हो जाते और फिर शुरू होता ठगी का धंधा। साइबर चोर बनने के बाद बनाने वाले ये कैंप लंबे समय से यहां काम कर रहे थे।
फर्जी कॉल सेंटर खोलकर पूरे देश में लूट
जामताड़ा झारखंड में है। पहले साइबर क्राइम का काम यहीं शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे ये पूरे देश में फैलने लगा। नौकरी, शाॉपिंग, विदेश यात्रा, फर्जी आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड या फिर कई और तरीकों से ये लोगों को लूटते हैं। जगह-जगह पर इनके फर्जी कॉल सेंटर्स खुले होते हैं और उन्हीं के जरिए आम जनता को फंसाने का काम होता है।
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