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जल संरक्षण और भूमि संरक्षण कार्यों का राज्य स्तरीय टीम ने लिया जायजा

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Oct 3, 2026
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पश्चिमी सिंहभूम जिले में जल संरक्षण, भूमि संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित जलछाजन परियोजनाओं का राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। झारखंड राज्य जलछाजन मिशन, ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार की राज्य स्तरीय टीम ने बंदगांव प्रखंड अंतर्गत छोटा दामुडीह एवं डोमरा गांव में संचालित विभिन्न जलछाजन कार्यों का स्थल निरीक्षण कर उनकी प्रगति एवं जमीनी स्थिति का जायजा लिया। ज्ञात हो कि जलछाजन परियोजनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण, मिट्टी एवं भूमि का संरक्षण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं आजीविका के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

 

निरीक्षण के दौरान कृषि एवं अभियंत्रण विशेषज्ञ-सह-नोडल पदाधिकारी, जलछाजन, श्री नारायण कुमार मिश्रा, राज्य स्तरीय जल प्रबंधन विशेषज्ञ श्री कौशलेन्द्र कुमार तथा जीविकोपार्जन विशेषज्ञ श्री अमित कुमार उपस्थित रहे। टीम द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-दो के अंतर्गत जलछाजन विकास घटक के तहत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

 

राज्य स्तरीय टीम ने परियोजना के तहत भूमि एवं जल संरक्षण तथा वर्षा जल के संग्रहण को लेकर निर्मित विभिन्न संरचनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इनमें खाई-सह-बंध, जल अवशोषण खाई, क्रमबद्ध समोच्च खाई, पत्थर आधारित अवरोधक बांध, मिट्टी से निर्मित अवरोधक बांध, तालाब एवं अन्य जलछाजन संरचनाएं शामिल हैं। टीम ने इन संरचनाओं के निर्माण एवं उपयोगिता का स्थल पर जायजा लेते हुए इनके माध्यम से जल संरक्षण तथा भूमि कटाव को रोकने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

 

निरीक्षण के क्रम में जलछाजन परियोजना के अंतर्गत की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का भी अवलोकन किया गया। टीम ने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों के साथ-साथ परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी देखा। राज्य स्तरीय टीम द्वारा स्थल पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई तथा परियोजना के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।

 

निरीक्षण के दौरान बंदगांव प्रखंड के जिला परिषद सदस्य, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जलछाजन प्रकोष्ठ के जिला तकनीकी विशेषज्ञ, परियोजना के तहत कार्यरत अभियंता, सामाजिक विशेषज्ञ-सह-टीम लीडर, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ तथा लेखापाल सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

 

इस दौरान पंचायत समिति सदस्य, मुखिया सहित संबंधित गांवों के मुंडा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। ग्रामीणों की मौजूदगी में राज्य स्तरीय टीम ने जलछाजन कार्यों की स्थिति को समझा तथा स्थानीय स्तर पर परियोजना के प्रभाव एवं उपयोगिता से संबंधित जानकारी प्राप्त की। साथ ही राज्य स्तरीय टीम द्वारा दिए गए सुझावों से परियोजना के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।


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