
दिल्ली: अलगाववादी नेता और टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को पाकिस्तान सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उसे कैबिनेट मंत्री बना दिया है। वे कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करेगी।

मुशाल मलिक पीएम अनवर उल हक की स्पेशल असिस्टेंट होंगी। उन्होंने (गुरुवार) शपथ ली। मुशाल मलिक के अलावा जलील अब्बास जिलानी विदेश मंत्री, सरफराज बुग्ती गृह मंत्री, डॉ श्मशाद अख्तर वित्त मंत्री, जनरल (रि) अनवर अहमद रक्षा मंत्री बने हैं। कार्यवाहक पीएम अनवर उल हक की कैबिनेट ने शपथ ली है।

यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन का जन्म पाकिस्तान में हुआ। उनके पिता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्री थे जबकि मां पाकिस्तान मुस्लिम लीग की महिला इकाई की पूर्व महासचिव रह चुकी हैं। मुशाल के भाई हैदर अली मलकि विदेश नीति के विद्वान और अमेरिका में प्रोफेसर हैं।
मुशाल को पेंटिंग का बहुत शौक हैं। उन्होंने छह साल की उम्र में ही पेंटिंग करनी शुरू कर दी थी। वह सेमी-न्यूड पेंटिंग्स के लिए बहुत लोकप्रिय हैं। उन्होंने कश्मीर के लोगों की व्यथित दशा को दर्शाते हुए कई पेंटिंग्स बनाई हैं। वह पाकिस्तान में पीस एंड कल्चर ऑर्गेनाइजेशन की चेयरपर्सन भी हैं। यह संगठन वैश्विक शांति और सौहार्द के लिए काम करता है और संस्कृति एवं विरासत को सहेजने पर काम करता है।
यासीन की मुशाल की पहली मुलाकात 2005 में हुई थीं। उस समय यासीन कश्मीरी अलगाववादी आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने के लिए इस्लामाबाद गए थे। मुशाल भी उस कार्यक्रम में आई थीं, जहां यासीन ने फैज अहमद फैज की लोकप्रिय कविता हम देखेंगे कविता का पाठ किया था। दोनों ने बाद में 2009 में शादी कर ली। बता दें कि मुशाल, यासीन मलिक से 20 साल छोटी हैं।
4 साल से जेल में बंद है यासीन
यासीन मलिक 2019 से जेल में बंद है। उसे 2017 के टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था। NIA ने यासीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पिछले साल मई में दिल्ली की एक अदालत ने यासीन को दोषी करार दिया था और उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
यासीन मलिक की सुप्रीम कोर्ट में पेशी पर हुआ था बवाल
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यासीन मलिक की व्यक्तिगत पेशी पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि जब कोई आदेश पारित नहीं किया गया तो यासीन को क्यों लाया गया। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यासीन मलिक की पेशी पर भी चिंता जताई थी।
तिहाड़ जेल के अधिकारियों की ओर से कड़ी सुरक्षा के बीच मलिक को सुप्रीम कोर्ट लाया गया था। सुप्रीम कोर्ट जम्मू की कोर्ट के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। बाद में यासीन मलिक की व्यक्तिगत पेशी के मामले में चार अधिकारियों पर गाज गिरी थी। इस मामले में दिल्ली जेल विभाग के एक उप अधीक्षक, दो सहायक अधीक्षक और एक हेड वार्डन को निलंबित कर दिया था।
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