
जमशेदपुर में उपद्रवियों ने काफी हंगामा किया,आगजनी पत्थर बाजी और फायरिंग जैसी घटनाओं के बाद प्रशासन ने शख्त कदम उठाते हुए यहां 144 धारा लागू कर दिया तथा क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिए गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने इंटरनेट सेवा ठप कर दी है।
*रविवार शाम को उपद्रवियों ने की पत्थरबाजी*

मालूम हो कि शहर के कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर दो में रविवार की शाम अलग -अलग समुदाय के कुछ लोग आपस में भीड़ गए। इस बीच पत्थरबाजी के साथ काफी हंगामा हुआ। हंगामे के बीच युवकों में से किसी एक ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

*कई दुकानों में लगा दी गई आग*
घटना की सूचना मिलने पर फौरन जमशेदपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस सबसे पहले हवाई फायरिंग की ताकि पत्थरबाजी कर रहे लोगों को तितर-बितर किया जा सके, लेकिन उपद्रवियों ने पत्थरबाजी के बाद कई दुकानों में आग लगा दी। कई वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया।
इस हंगामे के बीच पूरा जमशेदपुर अशांत हो गया जिसके बाद झारखंड अग्निशमन और टाटास्टील की दो दमकल गाड़ी मंगायी गयी और आग पर काबू पाया गया।
*इस पूरे मामले में 60 से अधिक हिरासत में*
दोनों समुदायों के बीच पत्थरबाजी करीब तीन घंटे तक चली।जिसमें जमशेदपुर एसएसपी प्रभात कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गये. घटना के बाद पुलिस न 60 से अधिक युवाओं को हिरासत में लिया और वज्र वाहन से उन्हें थाना भेज दिया गया।
घटनास्थल पहुंचीं डीसी
घटना की सूचना पर डीसी विजया जाधव भी घटनास्थल पर पहुंचीं थीं। फिलहाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है। स्थिति पर काबू पाने के लिए रविवार शाम को ही इलाके में धारा 144 लागू कर दिया गया था। जिसके बाद इंटरनेट सेवा भी ठप कर दी गई ताकि कोई अफवाह ना फैले।
*क्या है पूरा मामला*
जानकारी के मुताबिक, मामला धार्मिक विवाद से जुड़ा हुआ है। दरअसल, शनिवार की शाम असामाजिक तत्वों द्वारा कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर 3 चौक पर लगे बजरंगबली के झंडे के बांस में किसी असमाजिक तत्व ने कुछ ऐसा पदार्थ बांध दिया था। जिसके बाद हिंदूवादी संगठन एकजुट हो गए और इसका विरोध किया। दो घंटे तक हंगामा के बाद मामला शांत हुआ था, लेकिन रविवार को कदमा शास्त्रीनगर ब्लाक नंबर 2 स्थित जटाधारी हनुमान मंदिर में हिंदूवादी संगठनों की बैठक रखी गयी थी।
शाम के समय सभी बैठक कर ही रहे थे कि किसी ने उनपर
पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी। जबाव में बैठक कर रहे लोगों ने भी पत्थरबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया।
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