
हज़ारीबाग़: रिश्ते में विश्वासघात का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की लाखो की संपत्ति हड़प ली है। वो भी उस भाई की जिसने अपने बड़े भाई की जान बचाने के लिए अपना गुर्दा ( किडनी) तक उसको दान कर दी। बताया जाता है कि सदर प्रखण्ड अंतर्गत इमली कोठी, खिरगांव कुणाल हॉस्पिटल के सामने रहने वाले समरेश कु.पाल ने अपने बड़े भाई राजेश कु.पाल को वर्ष 2011 में बेली व्यू लन्दन स्ट्रीट अस्पताल कलकत्ता शहर में किडनी देकर उनकी जान बचाई थी। राजेश कु.पाल उस वक़्त ज़िन्दगी और मौत से जूझ रहे थे। समरेश ने उस वक़्त किडनी दान करने की बात पत्नी रीना पाल को भी नहीं बताया था। ना ही उन्होंने पुत्री अनन्या कुमारी, अंतरा कुमारी, अक्षरा कुमारी, पुत्र अक्षत पाल की भी तनिक चिंता की।

*क्या कहते हैं समरेश*

मामले पर समरेश ने कहा कि मैं अगर अपना किडनी भाई को नही देता तो शायद हमारी मां कमला पाल जीवित नहीं रहती। मेरी मां बड़े भाई के बिना कतई नही रह सकती थी । हम भी उन्हें पिता तुल्य समझते थे। मैंने उसी स्थिति में किडनी दान कर अपने बड़े भाई को बहुत ही मुश्किलों से ठीक किया। ठीक होने के बाद भाई के साथ हमारे सम्बन्ध बहुत अच्छे रहे और इसी दौरान बड़े भाई ने धोखाधड़ी व बेईमानी कर सारे कागजात अपने पास रख लिए। बाद में जब सम्पति को लेकर उनसे बात की तो मुझे और मेरे परिवार को फ़र्ज़ी केस में फसा दिया जिसमें मैंने जीत हासिल की। अपनी समस्याओं के समाधान हेतु उन्होंने हज़ारीबाग़ उपायुक्त, प्रखण्ड के सीओ, जन शिकायत कोषांग के तहत नगर निगम अधिकारी, रजिस्ट्रार ऑफिस को लिखित आवेदन देकर विभागीय जांच कर दोषी पर कानूनी कार्यवाही करने की गुहार लगायी है।
१० है पी १: अपने परिवार के साथ समरेश कु.पाल।
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