
हजारीबाग :–झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के सेलहरा गांव की बेटी ने लंबी उड़ान भरी है। कहा जाता है कि मन में जब लगन हो तो लक्ष्य को प्राप्त करना कोई मुश्किल काम नहीं होता।

इसे चरितार्थ कर दिखाया है ग्रामीण परिवेश में पली बढ़ी मृणालिनी ने।मृणालिनी के पिता जन्मेजय सिंह सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं, जबकि मां अंजली सिंह एक गृहणी है। मृणालिनी राज रिसर्च स्कॉलर के रूप में चयनित होकर ब्रिटेन के कई शहरों में आयोजित विभिन्न कॉन्फ्रेंसों में हिस्सा लेने के लिए लंदन पहुंच चुकी हैं।

वर्तमान में मृणालिनी जेआरएफ रिसर्च स्कॉलर में चयनित होकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) रुड़की से अंग्रेजी साहित्य में रिसर्च स्कॉलर के रूप में पीएचडी कर रही हैं। वहीं से मृणालिनी का चयन चार्ल्स वालेस इंडिया ट्रस्ट लंदन (यूनाइटेड किंगडम) द्वारा रिसर्च ग्रांटी के रूप में 1 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक ब्रिटेन के विभिन्न शहरों लंदन, नॉरविच, ब्रिंघटन में आयोजित विभिन्न कॉन्फ्रेंसों में भाग लेने एवं रिसर्च करने के लिए चुना गया है। इसी के तहत मृणालिनी लंदन पहुंचकर निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल हो रही हैं।
मृणालिनी का बचपन सेलहारा पैतृक गांव से होते हुए हजारीबाग पहुंचा। मृणालिनी इंटरमीडिएट डीएवी हजारीबाग से स्नातक, संत जेवियर कॉलेज रांची से एमए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से करने के बाद आईआईटी रुड़की में रिसर्च स्कॉलर के रूप में पीएचडी कर रही हैं।मृणालिनी के पिता जन्मेजय सिंह मध्य विद्यालय सेलहारा में सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
मां अंजनी सिंह स्नातक उत्तीर्ण गृहणी एवं भाई मयंक राज दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स नई दिल्ली से एमबीए (एचआरडी) की पढ़ाई कर रहे हैं। मृणालिनी की शिक्षा के क्षेत्र में ऊंची उड़ान पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। सेलहरा के ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मृणालिनी की सफलता से ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियां भी प्रोत्साहित होगी। मृणालिनी के द्वारा किया गया यह कार्य पूरे राज्य के बच्चियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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