
भारत के सफल चंद्रयान-3 की सफलता के बाद जापान ने भी मून मिशन लॉन्च किया है। खास बात यह है कि इसे चांद पर पहुंचने में 6 महीने का वक्त लगेगा। यह एक रोबोटिक लैंडर है।आपको बता दें कि तांगेशिमा स्पेस सेंटर के योशीनोबू लॉन्च कॉम्प्लेस से रॉकेट लॉन्च किया गया है।
जिसमें एक छोटे मून लैंडर के साथ ही एक्स-रे,टेलिस्कोप है जिसकी मदद से ब्रह्मांड के बनने की प्रक्रिया का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। जापान स्पेस सेंटर ने अपने H-IIA रॉकेट से लॉन्चिंग की है। लॉन्चिंग के 13 मिनट बाद इस रॉकेट ने पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक एक सैटलाइट स्थापित कर दिया गया। जापान के इस सैटलाइट में एक्स रेइमेजिंग ऐंड स्पेक्ट्रोस्कोपी मिशन केपेलोड्स लगे हैं।

इसके जरिए गैलेक्सी का अध्ययन किया जाएगा। जापानी स्पेस एजेंसी JAXA का कहना है कि इस मिशन के जरिए ब्रह्मांड के बनने की प्रक्रिया का पता लगाने में मदद मिलेगी। इसके जरिए अंतरिक्ष के पिंडों के चमक, वेवलेंथ, तापमान के बारे में भी पता लगाया जाएगा।

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