
जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार को राजधानी जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रताप नगर थाने के हेड कांस्टेबल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. वह थाने में दर्ज एक मुकदमे में परिवादी की मां और भाई को गिरफ्तार नहीं करने की एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था.
परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी में की तो एसीबी ने जाल बिछाकर ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया.

एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि एसीबी की जयपुर नगर चतुर्थ इकाई को परिवादी ने शिकायत दी कि उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में भाई और मां को गिरफ्तार नहीं करने की एवज में हेड कांस्टेबल 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगकर परेशान कर रहा है. इस पर एसीबी जयपुर के डीआईजी डॉ. रवि के सुपरविजन में एसीबी जयपुर नगर (चतुर्थ इकाई) के एएसपी बलराम सिंह मीणा के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन करवाया गया. सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर आज सोमवार को पुलिस निरीक्षक रजनी मीणा के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया. परिवादी ने जैसे ही हेड कांस्टेबल को रिश्वत के 10 हजार रुपये दिए घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया.

मुकदमे में राजीनामा होने के बाद भी बना रहा दबाव : एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि जिस मुकदमें में परिवादी के भाई और मां को गिरफ्तार नहीं करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी. उस मुकदमे में दोनों पक्षों में राजीनामा हो चुका है. इसके बाद भी रिश्वत मांगकर परेशान किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि आरोपी हेड कांस्टेबल के आगरा रोड मंगलम सिटी स्थित आवास एवं अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है. एसीबी के आईजी सवाई सिंह गोदारा के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया जाएगा.
सवाई माधोपुर में गिरदावर, पटवारी व दलाल 17 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप : सवाई माधोपुर में मुख्यालय के मलारना डूंगर के तहसील कार्यालय में सोमवार को एसीबी की टीम ने पटवारी राम प्रसाद बैरवा, गिरदावर विमल कुमार और दलाल सईद खान को 17 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए धर दबोचा. एसीबी के एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. मलारना डूंगर तहसील कार्यालय में एसीबी की कार्रवाई के दौरान तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया. एसीबी के एएसपी सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इनके द्वारा परिवादी से खेत का सिमाज्ञान करवाने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी.
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