

संवाद सूत्र, मेसकौर (नवादा):- प्रखंड के सुप्रसिद्ध विद्यालय एम०जे०बी० पब्लिक स्कूल पसाढी़ में बृहस्पतिवार को 74 वां गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में सरस्वती पूजा एवं गणतंत्र दिवस एक साथ मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अंजली कुमारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर देश में अमन व शांति के लिए सर्व धर्म प्रार्थना की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा देश का एकता व अखंडता आपसी सौहार्द सैनिकों की शौर्य गाथाएं व विभिन्न सामाजिक समस्याओं की झलक नृत्य, समूह गान,लघु नाटिका, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत की गई।विद्यालय के बच्चों ने मैथिली लोक नृत्य ”झिझिया” पर माथे पर कलश रखकर नृत्य किया। मैथिली लोक नृत्य ने वहां उपस्थित लोगों के मन मोह लिया। इसके अलावे कई तरह के लोक नृत्य सहित छोटे-छोटे बच्चे ने भी मनमोहक नृत्य किया, बच्चों ने हास्य नाटक कर लोगों को खूब मनोरंजन किया।मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण कविताएं, चुटकुले, दहेज प्रथा, बाल विवाह, गीत प्रस्तुत किया गया। इस दौरान विद्यालय में छात्रा अभिभावक भी मौजूद रहे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापिका अंजली कुमारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के कई वीर सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर कर देश को आजाद करवाया है। हमारे पूर्वजों के दृढता के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत के नागरिक हैं। दृढ़ निश्चय व पूर्ण मनोयोग से किया गया अनवरत प्रयास सार्थक व सफल होता है। वहीं विद्यालय के संचालक अजय कुमार गुप्ता ने आज की युवा पीढ़ी को अपने अधिकार एवं कर्तव्य का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि हमें राष्ट्र की संपत्ति को अपना समझकर सुरक्षा करनी चाहिए। संपूर्ण देश को सर्वांगीण विकास करने के लिए शिक्षा जरूरी है। सर्वप्रथम लोगों को शिक्षित होना अति आवश्यक है।जितने बच्चे शिक्षित होंगे उतना ही हमारा देश और दृढ़ होगा।

वहीं विद्यालय के छात्रा शिवानी कुमारी ने नारी शक्ति पर कविता के माध्यम से भाषण देते हुए लोगों को दिल जीत लिया। उन्होंने कविता के माध्यम से कहा कि मैं नारी हूं।

”मै स्त्री हूं मैं नारी हूं मैं कली हूं मैं फुलवारी हूं।
मै दर्पण हूं मैं दर्शन हूं मैं नाथ में ही गर्जन हूं।।
मैं बेटी हूं मैं माता हूं मैं बलिदानों की गाथा हूं”।।
वही मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित जिप सदस्य सुरेंद्र राजवंशी ने बच्चों की कला को देखकर खूब प्रशंसा किया एवं उन्होंने बच्चों को उज्जवल भविष्य की कामना भी किया। मौके पर विद्यालय के सहयोगी शिक्षक पिंटू कुमार, सुनील कुमार राजवंशी, नीरज कुमार भारती, सुनील कुमार सहित कई सहभागी शिक्षक मौजूद रहे।
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