
कतरास।26 सितंबर 1995, वह भयानक काली रात के 9बजे के लगभग , बीसीसीएल कतरास क्षेत्र संख्या चार के गजलीटाड़ कोलियरी में आंधी के साथ अचानक बिजली चली गई मुसलघार बारिश हो रही थी मूसलाधार बारिश के बीच जो छाया अंधेरा आज तक नहीं छंटा है। कोयले की काली कमाई भ्रष्टाचार की कालिख और अफसरों की अफसरशाही कि वह काली रात आज भी उन 64 घरों में अंधेरा कर देती है। हुआ घटना सुनकर आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जिनके चिराग़ों को अंतिम सांस के लिए खुला आसमान , तो क्या अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हुआ। जमीन के कई मीटर अंदर वे हमेशा के लिए दफन हो गए। 28 साल बाद उस भयावह रात को याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 26सितम्बर परिजनों के लिए यह तारीख कभी ना भूलने वाली ऐसी रात है जो खानों में काम करने वाले किसी भी मजदूर को नसीब ना हो। नई पीढ़ी तो उस भयानक हादसे के बारे में जानती भी नहीं होगी लेकिन जिस तरह से कोयले की काली कमाई का सरकारी और गैर सरकारी सांठगांठ से चल रहा खेल एक और हादसे को निमंत्रित कर रहा है उससे सबक लेने की तारीख है 26 सितंबर।

गजलीटांड में रहने वाले पुराने पीढ़ी के लोग आज भी उस भयानक रात को याद कर सिहर जाते हैं जब गर्मियों में लगभग सुखी रहने वाली कतरी नदी मैं अचानक इतना पानी आ गया कि आसपास की तमाम खानें जल मग्न का शिकार हो गईं। वर्ष 1896 में में शुरू हुई गजलीटांड़ कोयले की खान में यूं तो छोटे बड़े हादसे अक्सर होते रहते थे लेकिन 1995 में हुए इस हादसे ने जो सवाल खड़े किए उसके जवाब आज तक हासिल नहीं हो पाए हैं।
क्या उस हदसे से बीसीसीएल अधिकारी अब तक कोई सबक सीखे हैं। और उनके विरुद्ध आज तक कोई दंडित कार्रवाई भी नहीं की गई। इसके अलावे उक्त तिथि को चैतूडीह, केशलपुर, बिलवेरा व अन्य खान दुर्घटना को लेकर कुल 79 अन्य कोयला श्रमिकों ने भी जल समाधि ली थी जिसका कोई खोज खबर नहीं की गई बल्कि प्रबंधन द्वारा उक्त मामले को जल्दबाजी में लीपा पोती कर दी गई जिसका आज भी लोगों के बीच चर्चा है। श्रद्धांजलि सभा को लेकर मात्र गजालीटाड खान दुर्घटना समाधि स्थल आएंगे पुष्प चढ़ाएंगे और फिर अपने दफ्तर में जा कर भूल जाएंगे। उन शहीद कोयला श्रमिकों की याद मे आज गजालीटाड कोलियरी में शहादत दिवस मनाया गया। मौके पर बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता, पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो, बाघमारा विधायक ढूल्लू महतो, विजय झा, अशोक प्रकाश लाल, सोहराब अली, जीएमपी कोयला भवन, महाप्रबंधक प्रशासन कोल्हा भवन, कटरास क्षेत्र के महाप्रबंधक एमएस दूत, आर के सहाय निदेशक फाइनेंस, हलदर महतो राजकुमार महतो, उदय कुमार सिंह, झामुमो के रतीलाल टुडू इत्यादि के अलावे सैकड़ो अधिकारी व कॉल कर्मी उपस्थित थे। और सभी ने उन शहीद कॉल कर्मियों को पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

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