
संवाददाता :नरेश विश्वकर्मा

निरसा :आजकल कलियुग में जिस तरह से इंसान को भूख लगता है, फिर लालच लगता है, तो वह दूसरे का हिस्सा भी मारने का कोशिश करता है!चाहे बिजनेस में पार्टनर हो चाहे वह कोई ब्यक्ति किसी को कुछ देने के लिये, किसी को देता है, उसका भी हिस्सा खा लेता है!

ऐसा ही पंछियो में भी देखा गया की एक कौवे अपने पेट की भूख मिटाने के लिये गलती से एक बाज के घोसले में जाकर उसके नन्हे बच्चे के मुँह से नेवाला छीन कर ले जाते है!और उसे घायल कर देते है।
जब बाज के बच्चे की माँ जब घोंसला में आती है अपने बच्चे को घायल अवस्था में देख गुस्से में आग बबूला हो जाती है। मानो वह कहता है कि कौन मेरे बच्चे को घायल कर दिया।
उन्होंने कहा कि अगर भूख लगा था, तो खाना लेकर खा लेता लेकिन खाने के साथ साथ मेरे बच्चे के साथ मारपीट क्यों किया!अब उसे खोजने के लिये चारो और घूमने लगा और वह अपने साथियों के साथ आसमान में घूमने लगा ।तब वही कौवे नजर आये और उसे सभी दोस्तों ने मिलकर मारने लगे, इसलिये हमेशा हर इंसान को सोचना होगा की मनुष्य से ज्यादा पक्षी और जानवर में भी बुद्धि होती है!
इसलिये हर मनुष्य को चाहिये किसी का हिस्सा को खाना नहीं चहिये और किसी के मेहनत की कमाई को लूटना नहीं चाहिये!
अगर इंसान कुछ सीखना चाहे तो कभी कभी जानवरो के साथ भी कई घंटो विताना चाहिये!
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