

नई दिल्ली: कोलकाता डॉक्टर मर्डर केस मामले को लेकर JNU के छात्र बुधवार को सड़क पर उतरे. एम्स के गेट के बाहर घंटो प्रदर्शन किया. एम्स अस्पताल के गेट नंबर 2 के बाहर जेएनयू के कई छात्र संघ और अन्य संस्थाओं के भी छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला. अस्पताल के गेट के बाहर काफी संख्या में छात्र पहुंचे थे. जिसमें कई पुराने छात्र भी थे सभी ने यहां हिस्सा लिया जैसा कि जेएनयू कैंपस की परंपरा रही है पोस्टर बैनर और नारेबाजी ठीक उसी प्रकार से यहां पर आधी रात को प्रदर्शन शुरू हो गया.

काफी संख्या में छात्रों को यहां पहुंचा देख दिल्ली पुलिस की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ पारा मिलिट्री फोर्स को भी यहां पर लगाया गया था.


छात्रों ने यहां शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन जारी रखा. एहतिहाथन एम्स अस्पताल का गेट नंबर 2 पूरी तरीके से बंद कर दिया गया था. छात्र गेट के बाहर घंटे तक नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे. छात्रों की यह मांग है कि भारत में महिला सुरक्षा को लेकर कड़े कानून बनाने चाहिए वर्किंग प्लेस में अगर कोई महिला सुरक्षित नहीं है तो उसके सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए दरिंदगी के मामले में जेएनयू की पूर्व छात्र अध्यक्ष आयिशी घोष ने सीधे-सीधे बंगाल की सरकार को दोषी ठहराया है.


ममता बनर्जी पर लगाए आरोप: आयिशी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाए की एक महिला होने के बावजूद उनकी सरकार और उनके प्रशासन ने इस पूरे मामलों को दबाने की कोशिश की. आयिषी घोष ने यहां तक आरोप लगा दिया जिस अस्पताल में घटना हुई है उस अस्पताल में कुछ गलत गतिविधि शायद उस पीड़ित डॉक्टर को लगी होगी जिसका वह पर्दाफाश करना चाहती होगी और उसका मुंह बंद करने के लिए उसकी हत्या की गई है. जैसा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ताजा अपडेट में डॉक्टरों ने संभावना जताई है कि महिला डॉक्टर की हत्या में एक से ज्यादा लोग हो सकते हैं.

ऐसे में आयिशि घोष ने बंगाल की सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के इस्तीफा की मांग की और साथ ही साथ यह भी कहा कि जब तक इस दूसरी निर्भय को इंसाफ नहीं मिल जाता जेएनयू का छात्र उसे इंसाफ दिलाने के लिए लगातार सड़कों पर अपना प्रदर्शन जारी रखेगा.
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