
झरिया:राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार 2 दिसंबर को झरिया के बकरिहाट मोड़ स्थित के.सी गर्ल्स हाई स्कूल प्रांगण मे प्रदूषण नियंत्रण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रिसोर्स शिक्षक एकलाख अहमद व फिजियोथेरेपिस्ट मनोज सिंह समेत स्कूल के शिक्षकों द्वारा छात्राओं को प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूक रहने की बात बताई गई। छात्राओं ने प्रदूषण से हो रहे नुकसान व उससे बचने के उपाय समेत कई विषयों को जाना। रिशर्स शिक्षक एकलाख अहमद ने कहा कि झरिया शहर की गिनती देश के सबसे प्रदूषित शहरों में होती है यह जरूरी है कि यहाँ के आम नागरिक प्रदूषण के दुष्परिणाम को जाने साथ ही बढ़ते प्रदूषण से किस तरह बचाओ हो जैसी कई बातों जानने की आवश्कता है।शहर में हो रही प्रदूषण आउटसोर्सिंग कंपनियों के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा यह प्रदूषण का आतंक है जिससे शहर के लोग ग्रसित हो रहे हैं बच्चों हमें प्रदूषण से बचने के लिए खुद आगे आना होगा । लाइफ संस्था के सचिव सह फिजियोथेरेपिस्ट डॉ मनोज सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण,जल प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव गर्भ मे पल रहे बच्चों पर पड़ रहा है । जिसके करण बच्चे सेरेब्रल पाल्सी, मुकबधिर एवं मानसिक दिव्यांगता से ग्रसित हो रहे हैं । झरिया मे हो रहे प्रदूषण के लिए कोयला कंपनी ही जिमेवार है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मृत प्राय है। के.सी गर्ल्स हाई स्कूल के शिक्षक सुरेश कुमार ने कहा कि जल-प्रदूषण, वायु-प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, प्रदूषण के प्रमुख कारक है। मानव निर्मित औद्योगिक गतिविधियों, रसायनों के प्रयोग, खनिज तेल का उपयोग एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुन दोहन के कारण प्रदूषण पैदा होता है आज इन्हीं सब अहम बातों को छात्राओं के समक्ष रख जागरूक करने का काम किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से ललिता कुमारी ( प्रभारी प्रधान अध्यापक ) , मंजू रानी, सुरेश कुमार, राजेश कुमार , गायत्री महतो ,अभिमन्यु कुमार ,परमिला कुमारी समेत कई शिक्षकगण मौजूद रहे।
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