
तालाब में ही मार दी है बाउंड्री, कार्य में डाल रहे बाधा
अतिक्रमित जमीन पर मकान के बाद बना दिया दूकान
हज़ारीबाग़। केंद्र सरकार तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘अमृत सरोवर योजना’ चला रही है। तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए और सौंदर्यीकरण करने के लिए लाखों रूपए खर्च भी कर रही हैं। लेकिन हकीकत में हज़ारीबाग़ ज़िले में प्रशासनिक उदासीनता के कारण और अधिकारियों के ढूल-मूल नीति के कारण शहर के तालाब दुर्दशाओं के शिकार हैं। इसकी एक बानगी मटवारी लोचन पथ स्थित कृष्णापुरी तालाब में देखने को मिली। इस तालाब में एक तरफ वार्ड पार्षद के प्रयास से सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है वही दूसरी ओर अतिक्रमणकारी कार्य में अड़ंगा लगाकर काम को रुकवाने के प्रयास में लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी भी तालाब की ज़मीन पर दूकान बनाया जा रहा है। साथ ही वार्ड पार्षद के लाख मना करने के बाद भी गन्दा पानी एक लॉज द्वारा तालाब में बहाया जा रहा है जिसके कारण काम बाधित हो रहा है।
तालाब में ही मार दी गयी है बाउंड्री
तालाब के ज़मीन पर कई पक्के मकान बना लिये गये है। तालाब का दायरा अतिक्रमण के चलते सिमटता जा रहा है। कृष्णापुरी तालाब में पूर्व की दिशा में किसी सीता सरण सिन्हा ने लगभग एक कट्ठा ज़मीन पर बाउंड्री कर उसे कब्ज़े में कर रखा है। वही ठीक उसके बगल में अतिक्रमित ज़मीन पर कोई ठाकुर जी दूकान का निर्माण कर रहे हैं । जिला प्रशासन सूचना के बावजूद इन् सब बातो की अनदेखी कर रहा है।
नाम मात्र की है सूचना पट्ट
तालाब के बगल में एक सूचना पट्ट लगायी गयी है। जिसमे लिखा है कि कृष्णापुरी तालाब के ३.७० एकड़ ज़मीन पर किसी भी तरह के जलश्रोत का भराव या स्वरुप में बदलाव लाना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन आज तक कितने अतिक्रमणकारियो पर कार्रवाई की गयी इसका जवाब जिला प्रशासन के पास नहीं है।
क्या कहते है स्थानीय
कृष्णापुरी निवासी नकुल महतो बताते है कि अतिक्रमणकारी बेख़ौफ़ है। घर तो बना ही लिया है तालाब में गन्दगी भी फैला रहे है। जलश्रोत नीचे जा रहा है। लोग समझ नहीं रहे। अभी नहीं चेते तो आने वाले समय में पीने का पानी नहीं मिलेगा। श्रवण कुमार कहते हैं कि अतिक्रमणकारी काम में बाधा डालते हैं। अभी भी लॉज व उत्तर के ओर स्थित घरो से घर का गन्दा पानी तालाब में बहाया जा रहा है। सौंदर्यीकरण होने से तालाब पुनर्जीवित हो जायेगा।
*क्या कहते हैं वार्ड पार्षद प्रतिनिधि*

इस सम्बन्ध में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विजय चौधरी कहते है कि शहर में कई तालाब विलुप्ति की कगार पर पहुंच गया है। जल संरक्षण के स्त्रोतों को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है। इसी को देखते हुवे इस तालाब का जीर्णोद्धार का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन चंद लोगो के कारण इस कार्य में बाधा उत्पन्न किया जा रहा है। कुछ कहने पर केस मुकदमा देख लेने की धमकी दी जाती है। कार्य को रोक दिया जाता है। अतिक्रमण पर मेरा बोलना उचित नहीं क्योकि यह मुद्दा जिला प्रशासन के संज्ञान में है। सौंदर्यीकरण के कार्य में बाधा उत्पन्न न किया जाये बस मैं यही चाहता हूं।

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