

केंदुआ(धनबाद)लोयाबाद कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता बिरेंद्र पासवान ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की घटनाओं पर आवाज उठाने पर निष्कासित किया जाता है।
झारखण्ड कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के समस्याओं को अनदेखा करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड SC/ST/OBC/MINISTRY बहुल राज्य है। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और राहुल गांधी जी से प्रभावित होकर कांग्रेस में आया था। झारखण्ड में दलितों की स्थिति दयनीय बनी हुई हैं,

दलित की घटनाओं पर दलित संगठन के पदाधिकारी मुक दर्शक बन तमाशा देखने का काम करते हैं। जिससे दलितों को न्याय मिलने में उन्हें कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है झारखंड में। सदियों से दलितों के साथ शोषण और उत्पीड़न इस देश में होता आया है और आज भी हो रहा है । दलितों की समस्याओं पर कोई भी आवाज उठाने को तैयार नहीं है। दलितों के घर खाना खाने जाना , दलितों के बस्ती में जाकर रात बिताना , दलितों का सम्मान करना सब वो तरीके हैं जो राजनीतिक पार्टियों एवं नेताओं को चुनाव के वक्त याद आता है। हर दल में दलित वोट के लिए इन्हीं प्रयोगों को वर्षों से आजमाया जा रहा है। फिर भी दलित आबादी देश में अपराध का शिकार होती है। न्याय के लिए भटकती है दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। 2020 के अपराध के आंकड़े बताते हैं कि SC आबादी के नागरिक को हर 10 मिनट में अपराध का सामना करना पड़ता है 2019 के मुकाबले 2020 में दलितों से अपराध करने का मामला 10% बढ़ गया है। केवल अपराध ही नहीं होता है न्याय मिलने में भी बहुत देर होती है SC/ST Act के तहत कोर्ट में लंबित केस 96.5% है। तो क्या दलितों को सिर्फ चुनाव में पूजनीय बनाकर छोड़ दिया जाएगा ,आखिर दलितों के समस्याओं को क्यों अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं मुखर होकर दलित समाज की आवाज को बुलंद करने का प्रयास किया तो मुझे कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग झारखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान ने झारखण्ड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के दबाव में आकर पद से मुक्त कर दिया। इस घटना की जानकारी मैंने लिखित रूप में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलोठिया , कांग्रेस झारखण्ड के प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे एवं कांग्रेस झारखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को दिया पर कोई भी समस्या का समाधान नहीं किए । सभी पदाधिकारियों ने मुझे अनदेखा करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति झारखंड में दयनीय है अनुसूचित जाति विभाग चंद लोगों में सिमट कर रह गया है चापलूसी करने वाले लोगों को जगह दी जाती है झारखंड में और कार्य करने वाले लोगों को अनदेखा किया जा रहा है। सूत्रों से एवं अखबारों के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि पैसा लेकर झारखंड में पदाधिकारी बनाए जा रहे हैं। यह झारखंड में पूरा चर्चा का विषय बना जिससे कांग्रेस की छवि धूमिल हुई। मैं भीम आर्मी में झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद पर भी कार्य कर चुका हूं। प्रथम लॉक डाउन में हमने झारखण्ड सरकार को कुछ बसें सौंपी थी प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए मध्यप्रदेश में फंसे धनबाद के प्रवासी मजदूरों को भी हमने सहयोग किया और सभी मजदूरों को धनबाद वापस लाया एवं अन्य समाजिक कार्य किया है। SC/ST/OBC/MINISTRY के हक के लिए सदैव आवाज उठाने का कार्य किया है और आगे भी करता रहूंगा। हमारे कार्यों को देख कर ही हमें पद दिया गया था पर मुझे पता नहीं था कि दलितों की आवाज को उठाना उनकी समस्याओं पर लिखना बोलना कांग्रेस पार्टी में अपराध माना जाता है। भारत जोड़ो यात्रा पर लिखा कि राहुल गांधी जिस प्रकार भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन – जन तक पहुंचा रहे हैं उससे भाजपा में खलबली मची हुई है और कांग्रेस पुरे देश में मजबूत हो रही है। SC/ST/OBC/MINISTRY का झुकाव राहुल गांधी के कारण और SC/ST का झुकाव राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बनने के कारण कांग्रेस की ओर हो रहा है पर झारखण्ड में कांग्रेस के पदाधिकारी SC/ST/OBC/MINISTRY के जुझारू पदाधिकारियों को अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ” फेडरेशन” (इंटक) में झारखण्ड के प्रदेश सचिव सह प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हूं। लगातार कांग्रेस एवं संगठन को मजबूती प्रदान करने का प्रयास कर रहा हूं। इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामीनाथ जायसवाल है जो लगभग 30 वर्षों से कांग्रेस के लिए निस्वार्थ भाव के साथ कार्य कर रहे हैं पुरे भारत में और कांग्रेस को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। और मैं भी कांग्रेस इंटक में निस्वार्थ भाव के साथ फुल टाइम वर्क कर रहा हूं। पर हमारे संगठन और हमें झारखण्ड में कांग्रेस के मंत्री विधायक और अन्य पदाधिकारियों से कभी भी कोई सहयोग नहीं मिलता है। मुझे ऐसा प्रतीत होता है की मैं दलित हूं इसलिए हमें अनदेखा कर रहे हैं सभी कांग्रेसी पदाधिकारी। झारखण्ड कांग्रेस के पदाधिकारियों का यही रवैया रहा तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस को झारखण्ड में भारी नुकसान हो सकता है। दलितों की समस्याएं सुनने वाला दलितों की समस्याओं पर बोलने वाला झारखंड में कोई नहीं है इसलिए यह पत्र मुझे लिखना पड़ रहा है। उन्होंने निवेदन करते हुए कहां कि मुझे पुर्ण आशा और विश्वास है कि पार्टी में बढ़ते विवाद और झारखण्ड के दलितों के हित में राहुल गांधी एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विचार धारा से ही कल्याण संभव है। कांग्रेसी विचार धारा के विपरित चल कर झारखण्ड में दलितों को अनदेखा कर पार्टी को कमजोर कर रहे हैं कुछ कांग्रेस के उच्च पदाधिकारी इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अभिलंब उचित निर्णय लेने की कृपा करें। ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाई जा सकें। दलित समुदाय की हक और अधिकारों की आवाज आपके नेतृत्व में बुलंद हो सके।

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