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कलयुग के लोगों का कल्याण केवल भगवान के नाम से हो सकता है- पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज

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Mar 16, 2024

चंचल गोस्वामी की रिपोर्ट

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पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज के पावन सानिध्य में 15 से 23 मार्च 2024, स्थान – ग्राम : जइयलगढआं लालबंगला, थाना – गोविंदपुर, जिला – धनबाद, झारखंड में श्रीमद् भागवत कथा रस वर्षण का आयोजन किया जा रहा है।

 

श्री श्री राधा कृष्ण प्रेम मंदिर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई। जिसके बाद पूज्य श्री हरिदास जी महाराज ने कथा पंडाल में बैठे सभी भक्तों को भजन “राधे तेरे चरणों की, गर धूल जो मिल जाए, सच कहता हूँ मेरी” श्रवण कराया।

 

मनुष्य को अपनी ही संस्कृति से ही नफ़रत होने लगी है और यह दुनिया का सब से बड़ा पाप है।

 

जिस मनुष्य के करोड़ों जन्मों के पुण्य एकत्रित होते हैं। तब वह मनुष्य भागवत कथा में आकर बैठता है। आज के युवा को कथा का श्रवण करना चाहिए क्योंकि युवा आज कल बुरे काम में ही पड़ता जा रहा है और यह सब नर्क के परिणाम होते हैं।

 

आज के स्कूलों में बच्चों को घर चलाना नहीं बताते हैं लेकिन घर को तोड़ना जरूर बताते हैं। कलयुग का युवा अपने धर्म का भी पालन नहीं करता है।

 

हम उस संस्कृति को मानने वाले मानव हैं जो अपनी सौतेली माँ के कहने पर 14 साल का बनवास कर लेते हैं तो हम अपनी सगी माँ को कैसे दुःख दे सकते हैं। ये सत्संग बहुत महान होता है क्योंकि सत्संग सुनने से बड़े से बड़े इंसान के भाग्य बदल देता है।

 

इस तन से संसार के रिश्ते निभाने चाहिए और मन से सिर्फ भगवान से रिश्ता निभाना चाहिए क्योंकि यह रिश्ता कई रिश्तों के बराबर होता है और यह रिश्ता केवल मानव का हित चाहता है।

 

कलयुग के लोगों का कल्याण केवल भगवान के नाम से हो सकता है। और इस नाम से व्यक्ति का उद्धार होता है।

 

आज के समय में मानव की केवल दुर्गति है। जब किसी का एक्सीडेंट हो जाता है उसको हॉस्पिटल ले जाने की जगह उसकी वीडियो बनाई जाती है। मनुष्य को दूसरों पर दया रखनी चाहिए। कलयुग के व्यक्ति के पास ना दया, तपस्या , पवित्रता कुछ नहीं है।

 

सतयुग में तप, त्रेता युग में यज्ञ ,द्वापर युग में उपासना से व्यक्ति का उद्धार होता है लेकिन कलयुग में वह पुण्य श्रीहरि के नाम-संकीर्तन मात्र से ही प्राप्त हो जाता है।रेशम कुमारी मुखिया, नीतू शंकर ,नीतीश कुमार गोप, राज किशोर गोप, डॉक्टर तारापद, किशोर राय, प्रदीप राय, उमाकांत वर्मा, अमित कुमार, सुधीर कुमार सिन्हा, आनंद कुमार वर्मा, संजय कुमार, रवि कुमार, विक्की राय,कविता देवी, नगीना देवी,आदि समाज के सभी लोगों के सहयोग से किया जा रहा है।

 

17/03/2024 को भगवान कपिल महाभारत की प्रसंग सुनाई जाएगी।


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