
*पटना:* इनकम टैक्स के करदाताओं से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार को गिरफ्तार किया था. आयकर विभाग के विभिन्न करदाताओं से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार समेत सभी पांच आरोपी को CBI ने पटना स्थित CBI कोर्ट में पेश किया.
संतोष के साथ सीबीआई ने वसूली गैंग के और अन्य गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की तो ऐसा खुलासा हुआ जिसे सुनने के बाद सीबीआई के अधिकारी भी चकरा गए. दरअसल, संतोष ने विभिन्न करदाताओं से रिश्वतखोरी के किये बजाप्ता एक गैंग बना रखा था. इस गैंग में राजीव कुमार सिंह उर्फ चीकू, डॉक्टर प्रणय कुमार, अशोक चौरसिया के साथ एक बिल्डर भी शामिल है. इस वसूली गैंग का काम था इनकम टैक्स बकाया वाले कारोबारी को अपने जाल में लेकर प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार के साथ मिलकर सेटलमेंट कराना.

बताया जाता है कि, संतोष के पास इनकम से संबंधित जब भी कोई बड़ा मामला आता था इन चार दलालों में से किसी एक के पास भेजता था. लेकिन यह मामला तब खुल गया जब संतोष के एक करीबी से ही पैसे की डिमांड हो गयी. दरअसल, धनबाद का कोयला कारोबारी गुरपाल सिंह का इनकम टैक्स से संबंधित एक मामला चल रहा है. प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार के यहां इसके सेटलमेंट के लिए संतोष ने गुरपाल सिंह से 10 लाख रुपये रिश्वत मांगे थे. इसके बाद ये सारा भेद खुल गया.

रिश्वतखोर संतोष कुमार के पीछे पड़ी सीबीआई
बता दें कि प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार के पटना स्थित आयकर कार्यालय के दूसरे तल्ले पर मौजूद उनके कार्यालय में कागजात की जांच की गई. साथ ही उनके पटना लोहिया नगर कंकड़बाग स्थित आवास (36 नंबर) में भी तलाशी ली गई. गौरतलब है कि अन्य आरोपियों में डॉक्टर प्रणव पूर्वे धनबाद क्लब के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं. वहीं, गुरपाल सिंह का धनबाद में ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार है, जबकि अशोक चौरसिया का आवास धनबाद के कतरास रोड में मकान संख्या 32 है. राजीव कुमार और चीकू की भूमिका मध्यस्थ के तौर पर सामने आ रही है.
*आरोपी आईआरएस अधिकारी के बारे में भी जानिये*
बता दें कि सीबीआई के हत्या चढ़े संतोष कुमार आईआरएस के 1988 बैच के अधिकारी हैं. अपनी सेवा के शुरुआती दौर में हुए धनबाद आयकर विभाग में भी सहायक आयुक्त रह चुके हैं. 30 सितंबर को वह अपनी सेवा से रिटायर हो रहे हैं संतोष कुमार मूल रूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं और वह मुंबई के अलावा वाराणसी में भी सेवा दे चुके हैं. इस बीच बिहार एवं झारखंड के प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार की गिरफ्तारी से आयकर महकमें में खलबली है.
*इतना बड़ा शातिर आपने शायद ही देखा हो*
धनबाद में पदस्थापित आयकर आयुक्त संतोष कुमार पर आरोप है कि इनकम टैक्स की राशि के घालमेल और टैक्स चोरी के एवज में वो घूस ले रहे थे. सीबीआई सूत्रों से जानकारी मिली है कि कि झारखंड के धनबाद के एक बड़े कोयला कारोबारी से इनकम टैक्स को मैनेज करने के एवज में वो 10 लाख रुपये की घूस ले रहे थे. इस केस में अफसर के एक करीबी असगर नाम के शख्स को भी हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई थी. इसी आयकर अधिकारी का कनेक्शन बिहार के पटना से भी सामने आया था जिसके बाद अब अधिकारी पर आयकर विभाग का शिकंजा भी कस गया.
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