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इटखोरी अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार: परसौनी के किसान महादेव साव से जमीन ऑनलाइन चढ़ाने के नाम पर बड़ा बाबू ने लिए ₹10,000, ऑडियो वायरल

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Oct 3, 2026
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(इटखोरी): झारखंड के चतरा जिले के अंतर्गत इटखोरी अंचल कार्यालय से भ्रष्टाचार का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कार्यालय के बड़ा बाबू (प्रधान लिपिक) पर परसौनी गांव के निवासी महादेव साव से उनकी जमीन का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर चढ़ाने और जमीन की रसीद काटने के एवज में ₹10,000 की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। इस अवैध लेनदेन और बातचीत से जुड़ा एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

 

क्या है पूरा मामला?

 

मिली जानकारी के अनुसार, परसौनी निवासी पीड़ित किसान महादेव साव अपनी पुश्तैनी जमीन, जिसका खाता संख्या 16 और प्लॉट संख्या 399 है, के कागजात को ऑनलाइन दुरुस्त कराने और उसकी लगान रसीद कटवाने के लिए पिछले कई हफ्तों से अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि अंचल कार्यालय के बड़ा बाबू ने सीधे काम करने से मना कर दिया और बिना ‘सुविधा शुल्क’ के काम न होने की बात कही।

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर बड़ा बाबू और पीड़ित के बीच काम के बदले पैसों को लेकर बातचीत हो रही है। काफी मान-मनौव्वल के बाद ₹10,000 की रकम तय हुई। परेशान पीड़ित किसान ने काम कराने की मजबूरी में बड़ा बाबू को मांगी गई घूस की रकम सौंप दी।

 

 

ग्रामीणों में भारी आक्रोश

 

 

इस ऑडियो के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में अंचल कार्यालय की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इटखोरी अंचल कार्यालय में बिना पैसे दिए आम जनता का कोई भी छोटा-बड़ा काम नहीं होता है। दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), ऑनलाइन चढ़ाने और रसीद निर्गत करने के नाम पर कर्मचारियों और बिचौलियों द्वारा खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है।

 

जांच और कार्रवाई की मांग

 

गौरतलब है कि झारखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार घूसखोर कर्मचारियों पर नकेल कस रही है। इस मामले में भी स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और पीड़ित महादेव साव ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री और एसीबी (Anti-Corruption Bureau) से इस वायरल ऑडियो का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बड़ा बाबू के खिलाफ जांच कर उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि परसौनी सहित पूरे अंचल के गरीब किसानों का शोषण बंद हो सके।


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