
*? 10 जुलाई ?*

भारत विश्व में मछली उत्पादक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. राष्ट्रीय मत्स्य पालन विकास बोर्ड (National Fisheries Development Board – NFDB) के सहयोग से भारत में हर साल 10 जुलाई को राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस मनाया जाता है. यह एक पौराणिक खोज का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है, जिसने भारतीय मछली पकड़ने के उद्योग में एक इतिहास रचा था.

*देश में पहली बार ओडिशा के अंगुल में 10 जुलाई, 1957 को मेजर कॉर्प्स के प्रेरित प्रजनन (in boost breeding) में सफलता हासिल करने में प्रोफेसर डॉ. हीरालाल चौधरी और उनके सहयोगी डॉ. अलीकुन्ही के योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है.*
प्रेरित प्रजनन के इस अग्रणी काम ने बीते कई वर्षों में मत्स्यपालन के क्षेत्र के विकास को पारंपरिक से प्रबल मत्स्य पालन में बदल दिया है और आधुनिक मत्स्यपालन उद्योग की सफलता का नेतृत्व किया है. इसे राष्ट्रीय मत्स्य पालन विकास बोर्ड (NFDB) की स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया गया.
*समुद्री मछली के उत्पादन में गुजरात देश में सबसे आगे:*
राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के कुछ दिन पहले हाल के आँकड़ों से यह ज्ञात हुआ है कि गुजरात समुद्री मछली के उत्पादन में देश में सबसे आगे है और वहीं सभी प्रकार के स्रोतों से कुल मछली उत्पादन में देश में पाँचवें स्थान पर है। पिछले 4 सालों की बात करें तो गुजरात में मछली उत्पादन का आंकड़ा औसतन लगभग 8.5 लाख टन प्रति वर्ष रहा है।
वहीं, वर्ष 2022-23 में राज्य में प्रोविजनल समुद्री मछली उत्पादन 6,97,151 मीट्रिक टन जबकि अंतर्देशीय मछली उत्पादन 2,07,078 मीट्रिक टन रहने की संभावना है। इस प्रकार, वर्ष 2022-23 में गुजरात राज्य का कुल मछली उत्पादन लगभग 9,04,229 मीट्रिक टन रहने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि गुजरात में देश का सबसे लंबा तटीय क्षेत्र जो कि 1600 किमी. है, मौजूद है जिसका सीधा लाभ यहाँ के मत्स्य किसान और मत्स्य उद्योग को होता है।
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