
*♦️ 19 अप्रैल ♦️*
*अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को आज एक महाशक्ति के रूप में देखा जाता है और बहुत से देश कम लागत में अपने उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए भारत पर निर्भर करते हैं। देश के अंतरिक्ष के इस सफर में आज 19 अप्रैल का खास महत्व है। दरअसल यही वह दिन है जब भारत रूस की मदद से अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लॉन्च कर अंतरिक्ष युग में दाखिल हुआ।*

*भारत का पहला उपग्रह देश के मशहूर खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट के नाम पर रखा गया था। आर्यभट्ट उन पहले व्यक्तियों में से थे जिन्होंने बीजगणित का प्रयोग किया था।*

*पिछले 4 दशकों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान सगंठन, इसरो ने 70 से ज्यादा उपग्रह वैज्ञानिक और तकनीकी एप्लिकेशन के लिए अंतरिक्ष में भेजे हैं।*
*इस उपग्रह का निर्माण इसरो द्वारा कृत्रिम उपग्रहों के निर्माण और अंतरिक्ष में उनके संचालन में अनुभव पाने के मकसद से किया गया था।*
*इसका मकसद ये भी था कि भविष्य में भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सके. आर्यभट्ट उपग्रह का मुख्य उद्देश्य एक्स रे खगोल विद्या वायुविज्ञान और सौर भौतिकी से जुड़े प्रयोग करना था।*
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