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आज का हिन्दू पंचांग जानते हैं शुभ और अशुभ मुहूर्त

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ByAdmin Office

Jun 19, 2023

 

*⛅दिनांक – 19 जून 2023*
*⛅दिन – सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् – 2080*
*⛅शक संवत् – 1945*
*⛅अयन – उत्तरायण*
*⛅ऋतु – ग्रीष्म*
*⛅मास – आषाढ़*
*⛅पक्ष – शुक्ल*
*⛅तिथि – प्रतिपदा सुबह 11:25 तक तत्पश्चात द्वितीया*
*⛅नक्षत्र – आर्द्रा रात्रि 08:11 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
*⛅योग – गण्ड रात्रि 01:15 तक तत्पश्चात ध्रुव*
*⛅राहु काल – सुबह 07:36 से 09:18 तक*
*⛅सूर्योदय – 05:13*
*⛅सूर्यास्त – 6:47*
*⛅दिशा शूल – पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 04:31 से 05:13 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:20 से 01:02 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण – आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारम्भ, मनोरथ द्वितीया व्रत (प. बंगाल), चन्द्र-दर्शन (शाम 07:27 से 08:41)*
*⛅विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है । द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*? आषाढ़ गुप्त नवरात्रि ?*
*(19 जून से 27 जून 2023)*

*? आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के इन 9 दिनों में देवी के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है । इन नौ दिनों में देवी को विभिन्न प्रकार के भोग भी लगाए जाते हैं । शास्त्रों के अनुसार, इस उपाय से साधक (उपाय करने वाला) की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं । जानिए किस तिथि पर देवी को किस चीज का भोग लगाना चाहिए-*

*? ये हैं गुप्त नवरात्रि के अचूक उपाय?*

*? प्रतिपदा तिथि को माता को घी का भोग लगाएं। इससे रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती हैं एवं शरीर निरोगी होता है ।*

*? द्वितीया तिथि को माता को शक्कर का भोग लगाएं । इससे उम्र लंबी होती है ।*

*? तृतीया तिथि को माता को दूध का भोग लगाएं । इससे सभी प्रकार के दुःखों से मुक्ति मिलती है ।*

*? चतुर्थी तिथि को माता को मालपुआ का भोग लगाएं । इससे समस्याओं का अंत होता है ।*

*? पंचमी तिथि को माता को केले का भोग लगाएं । इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है ।*

*? षष्ठी तिथि को माता को शहद का भोग लगाएं । इससे धन लाभ होने के योग बनते हैं ।*

*? सप्तमी तिथि को माता को गुड़ का भोग लगाएं । इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है ।*

*? अष्टमी तिथि को माता को नारियल का भोग लगाएं । इससे घर में सुख-समुद्वि आती है ।*

*? नवमी तिथि को माता को विभिन्न प्रकार के अनाज का भोग लगाएं। इससे वैभव व यश मिलता है ।*

*?लक्ष्मी के नाराज होने के कारण?*

*?१] कमल-पुष्प, बिल्वपत्र को लाँघने अथवा पैरों से कुचलने पर लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती हैं ।*

*?२] जो निर्वस्त्र होकर स्नान करता है, नदियों, तालाबों के जल में मल-मूत्र त्यागता है उसको लक्ष्मी अपने शत्रु कर्ज के हवाले कर देती हैं ।*

*?३] जो भूमि या भवन की दीवारों पर अनावश्यक लिखता है, कुत्सित अन्न खाता है उस पर भी लक्ष्मी कृपा नहीं करती हैं ।*

*?४] जो पैर से पैर रगडकर धोता है, अतिथियों का सम्मान नहीं करता, याचकों को दुत्कारता है, पशु-पक्षियों को चारा, दाना आदि नहीं डालता है, गाय पर प्रहार करता है, ऐसे व्यक्ति को लक्ष्मी तुरंत छोड़ देती हैं ।*

*?५] जो संध्या के समय घर-प्रतिष्ठान में झाड़ू लगाता है, जो प्रात: एवं संध्याकाल में ईश्वर की आराधना नहीं करता, तुलसी के पौधे की उपेक्षा, अनादर करता है उसको लक्ष्मी उसके दुर्भाग्य के हाथों में सौंप देती हैं ।*

*?इससे ८० प्रकार की वायु संबंधी बीमारियाँ बैठ जायेंगी – पूज्य बापूजी*

*?वायु की ८० प्रकार की शिकायतें होती हैं और इन्हें ठीक करने में बहुत सारे उपाय विफल हो जाते हैं । एक बढ़िया उपाय मिला है, वह विफल नहीं हुआ । मैंने आजमाया है ।*

*?१०० ग्राम धनिया-चूर्ण, १०० ग्राम हरड़ चूर्ण तथा ५० ग्राम मिश्री का चूर्ण मिला के रख दो । ५-६ ग्राम मिश्रण सुबह-शाम खाली पेट गुनगुने पानी से लो तो ८० प्रकार की वायु-संबंधी बीमारियाँ बैठ जायेंगी ।*

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