
रांची। भ्रष्टाचार के आरोपों में ईडी के हत्थे चढ़े झारखंड कैडर के 2011 बैच के आइएएस अधिकारी छवि रंजन को लेकर कई बातें सामने आ रही है। फर्जी दस्तावेज के जरिए जमीन की हेरफेर में उनके इशारे पर सारा सिंडिकेट काम करता था।

रांची में उपायुक्त के पद पर तैनाती के दौरान उन्होंने जमीन के धंधंबाजों को संरक्षण दिया। छवि रंजन के कार्यकाल में ही निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के स्वामित्व वाली पल्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की जांच रिपोर्ट संबंधी फाइल कार्यालय से गुम हो गई। शिकायत मिली थी कि भुईहरी आदिवासी जमीन पर अस्पताल का निर्माण किया गया है।

पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा के नाम पर 38 डिसमिल जमीन ली गई है। छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के मुताबिक राज्य में आदिवासी की जमीन कोई गैर आदिवासी नहीं खरीद सकता है। इसके बाद रांची के तत्कालीन उपायुक्त राय महिमापत रे ने इसकी जांच का आदेश दिया। दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई, जिसमें तत्कालीन अपर समाहर्ता और बड़गाई के सीओ शामिल थे। जांच रिपोर्ट कार्यालय को सौंपी गई। इसके तत्काल बाद राय महिमापत रे का स्थानांतरण हो गया।
छवि रंजन रांची के उपायुक्त बनाए गए। एक वर्ष पहले जब ईडी ने आइएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी की तो प्रशासन हरकत में आया। पता चला कि जांच रिपोर्ट की फाइल गुम हो गई है। छवि रंजन ने मातहत पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि फाइल खोजी जाए, लेकिन इसका कोई पता नहीं चला।
कहा जाता है कि छवि रंजन ने अपने वरीय अधिकारी को खुश करने के लिए पूरे मामले की लीपापोती की। बाद में यह पूरी तरह ठंडे बस्ते में चला गया। पूजा सिंघल द्वारा भ्रष्ट तरीके से अर्जित किए गए धन का उपयोग आलीशान अस्पताल बनाने में करने के प्रमाण भी केंद्रीय एजेंसी ने जुटाए। पल्स अस्पताल को ईडी ने अटैच कर दिया है।
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