
*अन्तरराष्ट्रीय अभिलेख दिवस प्रत्येक वर्ष 9 जून को मनाया जाता है, जाने क्यों*

इसकी शुरुआत साल 2007 में हुई थी। मानव सभ्यता के विकास के साथ आम आदमी की जिंदगी में दस्तावेज यानी अभिलेख का महत्व बढ़ता गया। हर आदमी अपने दैनिक जीवन में अभिलेखों को सहेजता और संवारता है।

ये अभिलेख आपका राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आपकी डायरी कुछ भी हो सकता है। हमारे-आपके सहेजे ऐसे ही दस्तावेज और अभिलेख कई बार पूरे समाज और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ऐसे ही अभिलेखों के संरक्षण और प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए हर साल 9 जून को अंतरराष्ट्रीय अभिलेख दिवस मनाया जाता है।
अभिलेखागार सार्वजनिक अथवा वैयक्तिक अभिलेखों, पांडुलिपियों, मानचित्रों, पुस्तकों आदि को संरक्षित रखने का एक स्थान है। यह अनमोल कृतियों, पांडुलिपियों और पुरातात्विक महत्व की सामग्रियों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया जाता है। अभिलेखागार में वे सभी वस्तुएं और कृतियां मिलेंगी जिनका पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व होता है।
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