• Tue. Jan 13th, 2026

अद्भुत है रामगढ़ के टूटी झरना का प्राचीन शिव मंदिर शिवलिंग पर साल भर बहती है अविरल जलधारा

ByAdmin Office

Jul 12, 2023

 

अंकित केशरी (avn)

भारत में कई ऐसी रहस्यमयी और अद्भुत जगहे हैं, जिनके बारे में आज तक कोई पता नहीं लगा पाया है। अपने अद्भुत और रहस्य की वजह से लोग आश्चर्यचकित तो होते ही हैं लेकिन इसी के साथ उनकी धार्मिक मान्यताएं और मजबूत हो जाती हैं। हमने आपको इसके पहले भी इस तरह के कई अनोखे और अद्भुत जगहों के बारे में बताया है जिसे जानकर और देखकर हर कोई हैरान है। यहां तक कि विज्ञान भी उन सभी जगहों के बारे में जानकारी जुटा नहीं पाया है। विज्ञान के लिए भी ये सभी चीजें एक रहस्य ही बन गई हैं।

बात दें कि शिव भगवान हिंदुओं के प्रिय भगवानों में से एक हैं। जैसा कि इनके नाम से ही पता लगता है कि ये काफी भोले हैं और बहुत ही जल्दी अपने भक्तों की मुरादें पूरी करते हैं। भगवान शिव त्रिदेवों में से एक हैं जिस वजह से इन्हें महादेव भी कहा जाता है। भगवान शिव को सृष्टि का रचयिता भी कहा जाता है, तो उसे संहार करने वाले नाम से भी जाना जाता है। एक तरह शिव भोले हैं तो दूसरी तरफ उनका एक रौद्र रूप भी है।

अब बात करें रहस्य और चमत्कारों की तो पूरी दुनिया में भगवान शिव के ऐसे कई मंदिर हैं जो अपने रहस्यों की वजह से लोगों की आस्था और आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। हाल ही में हमने आपको अपने एक पोस्ट में एक ऐसी नदी के बारे में बताया था जो एक साथ हजारों शिवलिंगो का अभिषेक करती है। इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे शिवलिंग के बारे में बताएंगे जिसका अभिषेक करने स्वयं गंगा माता आती हैं। जी हां, भोले बाबा के जड़ों में विराजित गंगा मां उनका अभिषेक करती हैं।
हम बात कर रहे हैं रामगढ़ (झारखंड) से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित टूटी झरना नाम के मंदिर की। बता दें, यह भोले बाबा का मंदिर है। यह मंदिर ना सिर्फ काफी पुराना है इसके साथ ही विश्व विख्यात भी है। बता दें कि यह मंदिर अपने आप में अनोखा और चमत्कारी है। इस मंदिर पर स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक भक्तगण तो करते ही हैं इसके साथ उस शिवलिंग का अभिषेक स्वयं देवी मां गंगा करती हैं। बता दें कि काफी लंबे वक्त से ही देवी गंगा लगातार शिवलिंग पर अपनी जलधारा से अभिषेक करती आ रही है। इस चमत्कार को देखने के लिए लोग काफी दूर-दूर से आते हैं।
खुदाई में निकला था मंदिर
बात करें टूटी झरना मंदिर की तो इस मंदिर का निर्माण अचानक हुआ था। लोगों की मानें तो साल 1925 में इस इलाके में अंग्रेज अफसर पीने के पानी के लिए खुदाई करवा रहे थे। खुदाई के दौरान देखा गया कि वहां पर पूरा का पूरा एक मंदिर निकल आया। जब लोगों ने मंदिर के अंदर जाकर देखा तो पता लगा कि अंदर एक शिवलिंग भी है, जिसके ऊपर एक श्वेत रंग की गंगा मां की प्रतिमा थी और गंगा मां की उस प्रतिमा की नाभी से जल निकल कर दोनों हाथों की हथेलियों से शिवलिंग का अभिषेक हो रहा था। हर कोई यह देखकर हैरान हो गया। हर कोई यह देखकर हैरान था कि आखिर मूर्ति में यह जल अपने आप कहां से निकल रहा है। हालांकि, इस बारे में आज तक कोई नहीं पता लगा पाया है आखिर मूर्ति में से पानी निकल कहां से रहा है। बता दें कि इस मंदिर में होने वाले इस चमत्कार को देखने के लिए दूर-दूर से भक्तगण आते हैं और बाबा के इस रूप के दर्शन करते हैं।
नहीं होता अब अभिषेक
अपने आप में काफी प्रसिद्ध इस मंदिर को लेकर के हाल ही में खबर आई थी कि अब इस मंदिर में शिव का अभिषेक होना बंद हो गया है। जो गंगा जी की धारा शिवजी का अभिषेक करती थी वो अब विलुप्त हो गई है। इस घटना के बाद इलाके के लोग काफी परेशान और अचंभित हैं। भले ही वहां से गंगा धारा द्वारा शिव जी का अभिषेक ना हो रहा हो लेकिन आज भी शिव जी का अभिषेक होता रहता है। फिलहाल शिवलिंग पर लगातार जलाभिषेक करने के लिए मंदिर के पुजारियों ने पीतल के बर्तन में पानी भरकर एक पाइप के सहारे कृत्रिम रूप से जलाभिषेक की व्यवस्था की है।
रामगढ़ से करीब 10 किलोमीटर कुजू की ओर स्थित है मंदिर
बता दें कि शिव जी का ये अद्भुत और चमत्कारी मंदिर रामगढ़ शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर कुजू की तरफ स्थित है। इस मंदिर में भक्तों का जमावड़ा हमेशा लगा ही रहता है। शिवरात्रि और सावन में तो यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। जब कभी भी यहां आना हुआ तो इस अद्भुत मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन करने जरूर जाएं।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *