
*गिरिडीह :* झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित श्री सम्मेद शिखर जी जिसे पारसनाथ के नाम से भी जाना जाता है जो जैन धर्म का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है। किंतु ऐसे पवित्र पावन तीर्थ स्थल के आस पास के क्षेत्र मे पिछ्ले कुछ समय से लगातार अप्रिय घटनाओं के होने से श्री सम्मेद शिखरजी तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा व पवित्रता पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है।

जैन धर्म के लोगों ने प्रशासन से इसकी पवित्रता को बरकरार रखने के लिए उचित कदम उठाएं जाने की मांग की। जिससे अज्ञानता वश भी मंदिर स्वरूप टोंक के ऊपर कोई जूते चप्पल आदि चमड़े की वस्तुएं नहीं ले जा सके एवं मांस मदिरा को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाए।

चूकि यह पर्वत सदियों से जैन धर्मावलंबियों का विश्व प्रसिद्ध पवित्र एवं पूजनीय तीर्थ स्थल रहा है इसलिये सरकार से यह अपील है कि इसे पर्यटक स्थल के बजाए धार्मिल स्थल के रूप मे बढ़ावा दिया जाए।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए राष्ट्रसंत महायोगी श्रमण विहर्ष सागर गुरुदेव तथा मुनि विजयेश सागर ससंघ के साथ भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव महाअर्चना समिति के पदाधिकारीगण ने बताया की आगामी 18 दिसंबर रविवार 2022 को राजधानी दिल्ली के लाल किला मैदान पर एक विशाल महा अर्चना सम्मेद शिखरजी सहित सभी तीर्थों की सुरक्षा पावनता व संरक्षण के लिए आयोजित की जा रही है।
इस राष्ट्रीय आयोजन में देश भर के 50 हजार से ज्यादा जैन बंधुओं एवं कई मंत्रियों के पहुंचने की संभावना है।
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