
*चाईबासा* पश्चिमी सिंहभूम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौहम्मद शाकिर, उपायुक्त श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री अमित रेनू, सिविल सर्जन डॉ.जुझार माझी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री टोनी प्रेमराज टोप्पो की मौजूदगी में आज सदर अस्पताल-चाईबासा स्थित नेत्र रोग विभाग में विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए विशेष नेत्र जांच शिविर का फिता काटकर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।
दिव्यांग बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनकी विशेष आवश्यकताओं की पहचान एवं समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में सदर, तांतनगर, टोंटो एवं खूंटपानी प्रखंड क्षेत्र के 11 विद्यालयों के कुल 47 बच्चों ने अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ भाग लिया। शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों का नेत्र जांच किया गया। जांच उपरांत 14 बच्चों को चश्मा उपलब्ध कराए जाने हेतु अनुशंसा किया गया, जबकि 6 बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इससे संबंधित बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

यह विशेष जांच शिविर मुख्य रूप से लो विजन एवं ब्लाइंडनेस से प्रभावित बच्चों के लिए आयोजित किया गया था, ताकि उनकी चिकित्सीय स्थिति का समुचित आकलन कर आवश्यक उपचार, सहायक उपकरण एवं प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

*नशा मुक्त जिला बनाने का संकल्प*
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं बच्चों ने पश्चिमी सिंहभूम जिले को नशा मुक्त जिला बनाने के संकल्प को भी दोहराया। इस अवसर पर सभी ने समाज में नशा उन्मूलन के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने, युवाओं एवं बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया। इस क्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ परिवार एवं जिले के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन तथा समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास से पश्चिमी सिंहभूम को नशा मुक्त जिला बनाने की दिशा में सतत एवं प्रभावी अभियान संचालित किया जा रहा है।
*वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण*
कार्यक्रम के उपरांत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं सभी पदाधिकारी के द्वारा वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान केंद्र में महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की गई तथा संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। केंद्र में आने वाली महिला पीड़ितों को त्वरित, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। इस दौरान अभिलेखों, पंजी संधारण एवं अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु भी निर्देशित किया गया।
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