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मॉडर्न शैक्षणिक समूह के संयुक्त तत्वावधान में मनाया गया “कर्पूरी ठाकुर” जयन्ती।

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ByAdmin Office

Jan 24, 2024

 

राष्ट्र की आवाज

नवादा -: मॉडर्न शैक्षणिक समूह के संयुक्त तत्वावधान में संचालित गनौरी रामकली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, इंडस्ट्रीयल एरिया पुलिस लाईन नवादा, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कुन्ती नगर नवादा, मॉडर्न इन्स्टीच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, इंडस्ट्रीयल एरिया, पुलिस लाईन, नवादा, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कुन्ती नगर, नवादा तथा एस.ए. कॉलेज, इन्डस्ट्रियल एरिया नवादा, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन (नर्सिंग), गुरो विन्दा कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल एवं साइंसेज, पुलिस लाईन नवादा, के परिसर में संयुक्त रूप से पूर्व मुख्यमंत्री जननायक समाजसेवक कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म दिन हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। सर्वप्रथम उनके प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण किया गया, उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित किया। गनौरी रामकली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, इंडस्ट्रीयल एरिया पुलिस लाईन नवादा के प्राचार्य डॉ० देवानन्द सिन्हा ने सभी प्रशिक्षुओं को सम्बोधित करते हुये कहे कि मानव सुन्दरता से नही वल्कि अपने कर्मों से महान होता है उन्होंने बताया कि कर्पूरी ठाकुर का जन्म दिनांक- 24/01/1924 पितौरिया, समस्तीपुर (बिहार) में हुआ था उनके माता का नाम रामदुलारी देवी तथा पिता का नाम गोकुल ठाकुर था, अति गरीब परिवार में पैदा होने के वाद भी ऐसा कर्म किये जिसे हम भारतवासी कभी नहीं भुला सकते और उनके मार्ग पर चलकर जनता एवं देश का सेवा करने का संकल्प लेते है इन्ही शब्दों के साथ मॉडर्न इन्स्टीच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, इंडस्ट्रीयल एरिया, पुलिस लाईन, नवादा के प्राचार्य श्री मनिराम सर ने बताया कि ” कर्म प्रधान विश्व करि राखा। जो जस करहिं सोई फल चाखा ” कर्म प्रधान होता है उसका फल आज नहीं तो कल अवश्य मिलता है तदोपरांत मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव तथा एसोसिएशन ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टिचयूशन्स पटना (बिहार) के महासचिव डॉ० शैलेश कुमार ने उपस्थित जनसमूह तथा प्रशिक्षुओं को कर्पूरी ठाकुर के कृतित्व-व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुये अपने उद्बोधन में कहे कि बिहार राज्य के दो बार मुख्यमंत्री चुने जाने वाले ग्यारहवें व्यक्ति थे, जिन्हे जननायक की उपाधि दिया गया जैसा कि इतिहास में वर्णित है, कि आजादी से पहले दो बार एवं आजादी के वाद अठारह बार अपने देश के जनता के कारण जेल गये 1942 में असहयोग आंदोलन के समय महात्मा गाँधी का भरपूर साथ दियें बिहार राज्य में मुख्यमंत्री काल में शिक्षार्थियों के प्रति भी बहुत कार्य किये उन्होने माध्यमिक परीक्षा में अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त किये तथा पिछड़े वर्ग, अनुसूचित वर्ग के बच्चों के लिये सरकारी नौकरी में आरक्षण भी लागू किये जिसे कभी भूला नही जा सकता है इस साहसिक और सामाजिक कार्य को देखकर हमारी भारत सरकार सौ साल बाद भी उन्हे याद किया और भारत का सर्वोच्च पुरष्कार “भारत रत्न” से सम्मानित करने कि घोषणा कल दिनांक 23/01/2024 को किया गया इसलिये कहा गया है “कर्मण्येवाधिकारेस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलषुहेतुर्भू माते संग्गोस्त्व कर्मणि।।” माननीय सचिव महोदय ने सत्य ही कहा कि जैसा करेंगे वैसा फल मिलेगा आज नही तो कल मिलेगा। इस शुभ अवसर पर गनौरी रामकली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ० देवानन्द सिन्हा, स० प्रा० मनोज कुमार सिंह, अर्पिता कुमारी, श्री मती मुन्नी देवी, रविचन्द्र, त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के विभागाध्यक्ष (एम०एड०) डॉ० कुमार अभिषेक, विभागाध्यक्ष (डी०एल०एड०) डॉ फिरंगी यादव, स०प्रा०- नवेन्दु धीरज, मनीष कुमार, मॉडर्न इन्स्टीच्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के प्राचार्य श्री मनिराम, स०प्रा०- राजित राम यादव, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, के विभागाध्यक्ष श्री देवकान्त, स०प्रा०- बृजेश कुमार तथा उक्त अवसर पर सभी प्रशिक्षण महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।


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