
गोविंदपुर : महाराणा प्रताप चौक पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और अडिग स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की 486वीं जयंती के पावन अवसर पर उनकी प्रतिमा का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। इस गौरवशाली कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक शिरकत की।


महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण न केवल एक श्रद्धांजली है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाने का एक जीवंत माध्यम भी है। उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और अपनी मातृभूमि की आन-बान-शान के लिए संघर्ष जारी रखा।
इस विशेष अवसर पर समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गार्जियन स्वरूप अरुण सिंह, सुधीर सिंह, नीरज सिंह भदोरिया, संजीव सिंह और नीरज सिंह सिकरवार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। साथ ही विकास सिंह, अतुल सिंह, अशोक सिंह, दिलीप सिंह, उदय प्रताप भैया, भोला सिंह, पंकज सिंह, राजू सिंह, नरेश सिंह, सतेंद्र सिंह, मिथिलेश सिंह, संतोष सिंह, बृजेश सिंह, संजय सिंह, रणविजय सिंह और अशोक सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान पूरा क्षेत्र ‘महाराणा प्रताप अमर रहें’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे। यह आयोजन न केवल एक जयंती उत्सव था, बल्कि एकता और राष्ट्रभक्ति के संकल्प का एक भव्य संगम भी सिद्ध हुआ।
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