
जानकारी के मुताबिक, मामला 15 अगस्त 2022 का है. बक्सर के बंग्ला घाट के रहने वाले वकील मनीष गुप्ता का जन्मदिन था. उस दिन गणेश चतुर्थी भी थी. उनकी मां का व्रत था. उन्हें परेशानी ना हो इसलिए उन्होंने बाहर से कुछ मंगवाने का सोचा. वह नमक रेस्टोरेंट पहुंचे. उन्होंने स्पेशल मसाला डोसा का ऑर्डर किया. वहां से डोसा लेकर वह घर आ गए. जैसे ही उन्होंने पैकेट खोला तो देखा उसमें सांभर नहीं था. इस कारण मां-पिता सहित घर में आए मेहमान हंसने लगे.
मनीष ने अगले दिन इसकी शिकायत रेस्टोरेंट मैनेजर से की. जिस पर उसने मनीष को बेरुखी से जवाब दिया कि 140 रुपये में क्या पूरा रेस्टोरेंट खरीदोंगे. इससे नाराज मनीष ने रेस्टोरेंट को कानूनी नोटिस थमा दिया. मगर, रेस्टोरेंट की तरफ से इसका कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद वकील ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पत्र दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई. 11 महीने तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने रेस्टोरेंट को दोषी पाया और सजा के तौर पर उपभोक्ता को भुगतान देने का आदेश दिया.

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