
बड़कागांव । बड़कागांव प्रखंड के ट्रैक्टर यूनियन संघ अध्यक्ष पंकज ठाकुर ने बताया कि ट्रैक्टर मालिक की स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है, जिसके कारण भुखमरी के कागर पर पहुंच गए है। स्थिति यह है की सैकड़ों ट्रैक्टर मलिक कर्ज के तले डूब चुके हैं। फाइनेंसर आए दिन घर जाकर गाड़ी खींचने की धमकी दे रहे हैं, वहीं परिवार का भरण पोषण एवं बच्चों के स्कूल फीस भी नहीं दे पा रहे है। यहां के अधिकतर ट्रैक्टर मालिक बालू के रोजगार से ही जुड़ कर रोजी-रोटी चलते हैं । बालू का चालान नहीं मिलने से सभी की स्थिति दयनीय हो चुकी है। बालू का चलान नही मिलने का प्रभाव इतना है कि हजारीबाग जिले में विकास कार्य थम चुका है और लाखों मजदूर रोजी रोटी के लिए दूसरे राज्य का रास्ता अपना रहे हैं। यह बहुत चिंताजनक विषय है। माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रोजगार के लिए ट्रैक्टर लेने की बात करते हैं लेकिन ट्रैक्टर मालिक की समस्या पर उन्हें ध्यान देने की आवश्यकता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाले समय में गरीबों का एक भी वोट नहीं मिलेगा, जिससे बड़कागांव के स्थानीय जनप्रतिनिधि को नुकसान हो सकता है। ट्रैक्टर मालिकों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अंदर ही अंदर जिला प्रशासन के रवैया को देखते हुए ट्रैक्टर मालिकों में गुस्सा उबल रहा है। अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाला समय में बहुत बड़े पैमाने पर आंदोलन करने की तैयारी ट्रैक्टर मालिक कर रहे हैं। वहीं रंजीत चौबे ने कहा की बालू के चालान नहीं मिलने के कारण ट्रैक्टर मालिकों की स्थिति तो खराब हो ही रही है साथ में सरकारी कार्य पूरी तरह बाधित हो चुका है। विकास की डोर जिला भर में थाम चुका है। इससे सरकार की छवि भी खराब हो रही है। इस पर सरकार एवं जिला प्रशासन को कोई ना कोई रास्ता निकालना चाहिए, जिससे गाड़ी मालिकों की स्थिति सुधर सके। यदि यही रवैया रहा तो इसका खामियाजा स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं हेमंत सरकार को भी उठाना पड़ेगा।

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