
*राहत एवं बचाव के लिए पंजाब में NDRF की 15 टीमें तैनात हैं, जबकि उत्तराखंड में 12 और हिमाचल प्रदेश में 11 टीमें तैनात हैं_*

नईदिल्ली : देश के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश जारी रही। इसकी वजह से कई राज्यों में बाढ़ एवं भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इसे देखते हुए पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 38 टीमों को तैनात किया गया है। इस अलावा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF की कुछ रिजर्व टीमें दिल्ली में तैयार हैं, जहां यमुना नदी के जल स्तर के 205.5 मीटर तक पहुंचने की उम्मीद है।

आपात स्थिति के लिए तैयार
एएनआई से बात करते हुए, एनडीआरएफ डीआइजी मोहसिन शाहेदी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश का कारण पश्चिमी विक्षोभ है। उन्होंने कहा कि मानसून में यह स्थिति अक्सर आती है। आईएमडी (भारत मौसम विभाग) ने भी इसके बारे में पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। शाहेदी ने बताया कि फिलहाल पंजाब में 15 टीमें तैनात हैं, जबकि उत्तराखंड में 12 और हिमाचल प्रदेश में 11 टीमें तैनात हैं। उन्होंने कहा कि बारिश बढ़ने और कुछ जलाशयों के खोले जाने से कुछ और स्थानों पर समस्या आ सकती है। ऐसे में जरुरत के मुताबिक एनडीआरएफ की तैनाती की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में आपदा
हिमाचल प्रदेश में तमाम नदियां उफान पर हैं। मंडी का पंचवक्त्र मंदिर लगभग पूरी तरह डूब गया है। मंडी की एसएसपी मंडी सौम्या साम्बशिवन के अनुसार, मंडी जिले में पूरी तरह से आपदा की स्थिति है। हिमाचल प्रदेश में कई इमारतें, पुल और पार्किंग स्थल बह गए हैं। भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है और सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं, क्योंकि भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
मौसम विभाग का अनुमान
आईएमडी के अनुसार, उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी थी और रेड अलर्ट जारी किया था। एक-दो दिनों बाद बारिश में कमी आने की संभावना है। लेकिन मेंउत्तराखंड में अगले 3 दिनों तक इसी तरह या थोड़ी कम तीव्रता वाली बारिश जारी रहने की संभावना है। सोमवार को पूर्वी पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और दक्षिण राजस्थान में भारी बारिश की आशंका है।
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