• Sun. Oct 18th, 2026

धनबाद में महासप्तमी पर शस्त्र पूजन, महिलाओं को किया गया सम्मानित… नारी सुरक्षा और सम्मान को लेकर उठी आवाज

admin's avatar

Byadmin

Oct 18, 2026
crescent ad

 

धनबाद से इस वक्त की खास खबर सामने आ रही है, जहां शारदीय नवरात्र की महासप्तमी के पावन अवसर पर कार्मिक नगर स्थित शनिदेव मंदिर में शस्त्र पूजन एवं महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को सम्मानित कर नारी शक्ति का गौरव बढ़ाया गया। वहीं, महिलाओं के प्रति बढ़ते उत्पीड़न और अन्याय की घटनाओं पर चिंता जताते हुए समाज और प्रशासन से गंभीर कदम उठाने की अपील भी की गई।

 

वॉइस ओवर (VO):

 

नवरात्र की महासप्तमी के पावन अवसर पर धनबाद के कार्मिक नगर स्थित शनिदेव मंदिर में धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां शस्त्र पूजन के साथ महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

 

इस कार्यक्रम में बजरंग दल के सोनू कुमार और उनकी माताजी के शुभ हाथों से महिलाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिन्हा उपस्थित रहीं। वहीं, उड़ान एक पंख की ऑनर पिंकी गुप्ता और स्वर्णिम नारी शक्ति की सदस्य सीमा साहू ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

 

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान को लेकर महत्वपूर्ण बातें रखी गईं। वक्ताओं ने कहा कि घर से लेकर कार्यक्षेत्र तक महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न और अन्याय के मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

 

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समाज और प्रशासन को मिलकर आगे आना चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। महिलाओं के प्रति अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

 

इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाना भी रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नारी शक्ति के सम्मान और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का संदेश दिया।

 

इस समारोह को सफल बनाने में जे.पी. साहू, रमेश बरनवाल, वीरेंद्र दुबे, धीरत सहित अन्य लोगों की अहम भूमिका रही। वहीं, माही शर्मा, खुशबू, खुशी, रिमझिम, संचिता, मधु जायसवाल, रंजना सिंह और पलक पांडे सहित कई महिलाएं कार्यक्रम में शामिल हुईं।

 

एंकर आउट्रो:

 

महासप्तमी के पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक परंपरा के साथ-साथ महिला सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दे गया। जरूरत है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को केवल नारों तक सीमित न रखकर, उसे व्यवहार में उतारा जाए और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *