
धनबाद: जिले की कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और अपराध नियंत्रण (Crime Control) को प्राथमिकता देते हुए एसएसपी ने पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल किया है। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए .11 थानेदारों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया गया है, वहीं कई महत्वपूर्ण थानों और आउटपोस्ट (OP) में नए चेहरों की तैनाती की गई है।


परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों के ‘परफॉर्मेंस रिव्यू’ के आधार पर की गई है। जिन थाना प्रभारियों के क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ा था या जिनकी कार्यशैली संतोषजनक नहीं थी, उन्हें हटा दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जनता की सुरक्षा और सक्रिय पुलिसिंग (Active Policing) में कोताही बरतने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।
किसे मिली कहां की जिम्मेदारी? (प्रमुख नियुक्तियां)
नए आदेश के तहत मैथन, पंचेत और भूली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए प्रभारियों ने कमान संभाली है।
मुख्य नियुक्तियां इस प्रकार हैं:
विश्वजीत ठाकुर प्रभारी भूली ओपी अभिरव कुमार प्रभारी, मैथन ओपी सुजीत सिंह प्रभारी, पंचेत ओपी
आकष्ट अमन थाना प्रभारी, सुदामडीह |
शंभुनाथ सिंह प्रभारी, गौशाला ओपी |
शेखर कुमार प्रभारी, गलफरबाड़ी |
प्रभात रंजन थाना प्रभारी, तिसरा
बाल मुकुंद सिंह प्रभारी, अलकडीहा ओपी |
अलीशा कुमारी प्रभारी, रामकनाली ओपी |
शैलेंद्र शर्मा प्रभारी, भागाबांध ओपी धीरज कुमार प्रभारी, धर्माबांध ओपी |
पवन पाठक थाना प्रभारी, महुदा
अकबर खान थाना प्रभारी, मनियाडीह |
राजेश कुमार प्रभारी, लोदना ओपी अमृता खलखो प्रभारी, कपुरिया ओपी
बिगन सोय प्रभारी, महिला थाना (धनबाद)
सुरबाला भिंगराजप्रभारी, महिला थाना (बाघमारा)
प्रमोद लकड़ा प्रभारी, एससी-एसटी थाना (धनबाद) |
महिला सुरक्षा और विशिष्ट थानों पर विशेष ध्यान
इस फेरबदल में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए धनबाद और बाघमारा महिला थानों में नई महिला प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही एससी-एसटी थाने की जिम्मेदारी प्रमोद लकड़ा को सौंपी गई है, ताकि संवेदनशील मामलों का त्वरित निष्पादन हो सके।
‘काम करो या हटो’ — विभाग का सख्त संदेश
पुलिस विभाग के इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि केवल पद पर बने रहना काफी नहीं है, बल्कि परिणाम देना अनिवार्य है। चर्चा है कि यह तो बस शुरुआत है; आने वाले दिनों में 10 से 12 और थाना प्रभारियों पर गाज गिर सकती है।
कोयलांचल में संगठित अपराध पर लगाम लगाना।
* थानों में आम जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई।
* रात्रि गश्त और क्षेत्र में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाना।
इस बदलाव के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए अधिकारी धनबाद की कानून व्यवस्था को सुधारने में कितने सफल साबित होते हैं।
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