

रिपोर्ट – अरुण कुमार सैनी

पुटकी। पुटकी के कच्छी बलिहारी में दो दिवसीय श्रीश्री मां देशवाली पूजा व मेला शुक्रवार को प्रारंभ हुआ। पूजा व मेला की परंपरा झरिया राजा काल से ही चली आ रही है। मेला में धनबाद के अलावे गिरीडीह, बोकारो, चंदनक्यारी, पश्चिम बंगाल व के पुरुलिया से हजारों की संख्या में श्रद्धालों की भीड़ जुटती हैं। लोग इसे (काड़ा पूजा) देशवाली पुजा के नाम से भी जानते हैं। मुरादे पूरी होने एवं गच्छित श्रद्धालु यहां सेकडों बकरा (पाठा) के अलावे हजारों की संख्या में मुर्गा , भेड़ व बकरी की बलि चढ़ाया जाता हैं। बलि मेला में मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है। शुक्रवार को रात्रि में जागरण में सतीश दास का लोक गीत का आयोजन हुआ। वहीं दूसरे दिन शनिवार को पूजन व बलि के साथ पूजा सम्पन्न होगा।
पूजा एवं मेला को सफल बनाने को लेकर समिति के अध्यक्ष राजू महतो , सचित जितेन्द्र रजवार , कोषाध्यक्ष बिक्की महतो ,नया (पुजारी ) बबलू मल्लिक, ग्राम प्रधान भरत भूषण महतो , धनेश्वर महतो , डालू महतो ,प्राण महतो, गयाराम महतो ,सर्वेश्वर महतो ,भरत गोंडाइत, हरु गोंडाइत, सागर डोम, अर्जुन महतो, प्रीतम महतो ,शाभू महतो ,श्रीकांत रजवार, अजय महतो ,करण महतो व अन्य सक्रिय हैं।
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