
धनबाद: कतरास के छाताबाद क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक हुए भयावह भू-धंसान से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ज़मीन धंसने के कारण कई रिहायशी मकान देखते ही देखते ज़मींदोज़ हो गए। इस अचानक आई आपदा के वक्त लोगों ने किसी तरह अपने-अपने घरों से भागकर अपनी जान बचाई।
चंद सेकंडों में ही कई परिवारों के आशियाने तबाही के मंजर में बदल गए और आँख के सामने उनकी मेहनत की कमाई ज़मीन के आगोश में समा गई। इस घटना के बाद से पूरे छाताबाद और आसपास के इलाकों में गहरी दहशत का माहौल है। अनहोनी के डर से लोग अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ज़मीन के भीतर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है और कब कौन-सा हिस्सा धंस जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

शनिवार को घटना की सूचना मिलते ही धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने प्रभावित छाताबाद क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायज़ा लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला।सांसद ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए ताकि अवैध माइनिंग कराने वाले खनन माफियाओं और इसमें लिप्त अधिकारियों की कलई खुल सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप का खेल बंद कर सभी दलों व स्थानीय जनता की एक ही मांग होनी चाहिए कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और दूध का दूध, पानी का पानी किया जाए। सांसद ढुल्लू महतो ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल के उच्च अधिकारी तमाशबीन बने बैठे हैं और पीड़ितों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पिछले एक साल से बीसीसीएल की घोर लापरवाही के कारण क्षेत्र में लगातार भू-धंसान की घटनाएँ बढ़ रही हैं। आउटसोर्सिंग कंपनियां नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से ‘हैवी ब्लास्टिंग’ कर रही हैं।
माफिया तंत्र को सिर्फ कोयला निकालने से मतलब है, भले ही गरीबों की जान और उनके आशियाने तबाह हो जाएँ। सांसद ने खान सुरक्षा महानिदेशालय से इस गैर-कानूनी और जोखिम भरे खनन पर तुरंत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की कि प्रभावित गरीब परिवारों को बिना किसी देरी के तत्काल राहत सामग्री, उचित आर्थिक मुआवजा और किसी सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खनन माफियाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के इस मुद्दे को वे सदन में भी पुरज़ोर तरीके से उठाएंगे।
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