
कहानी सुनाने की कला बच्चों के अंदर उनके क्रियात्मक सोच का परिणाम है : प्राचार्य ए के सिंह
अंतर्कथा : बरही/पंचम पाण्डेय

डीएवी पब्लिक स्कूल बरही के प्रांगण में कहानी सुनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के पुस्तकालय विभाग के प्रमुख अनिल कुमार के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा छठी से लेकर द्वादश तक के छात्र छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार सिंह ने कहा कि कहानी सुनाना और सुनना यह एक उत्तम कला है। बच्चे बचपन से अपने दादा दादी नाना नानी से कहानी सुनते आए हैं। इस कार्यक्रम में बच्चे अपनी स्वरचित कहानी सुनाने वाले हैं, जो उनके क्रियात्मक सोच को दर्शाता है। यह प्रतियोगिता बच्चों के बीच प्रतिस्पर्धा तो दिखाता है साथ ही साथ उनके दिमाग में उत्पन्न होने वाले नए-नए विचारों की उत्तम प्रस्तुति है। यह कला यह भी दर्शाता है कि बच्चों की सोच कहां तक है साथ ही साथ वह वे अपने समाज के प्रति कितने संवेदनशील है और किस प्रकार से वे समाज को आईना दिखाते हैं। इस प्रतियोगिता में जज की भूमिका राजेश सिन्हा और रवि उदय सिंह ने निभाई ।छायांकन ललन कुमार के द्वारा की गई। मंच का संचालन करते हुए अनिल कुमार ने बताया कि कहानी किस प्रकार से हम सभी को प्रभावित करता है। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य महोदय ने कहा कि हम सबों को इस कला को अपनाना चाहिए। क्योंकि इससे हमारी सोच को एक नया आयाम मिलता है। जहां वे अपनी सोच रूपी पंख फैलाए अनंत आकाश में बहुत दूर तक विचरण कर सकते है। अतः हम सबों को इस कला को आगे बढ़ाने में हर संभव मदद के साथ साथ अपना प्रयास भी करना चाहिए। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान इशिका स्पर्धा कक्षा नवम, द्वितीय स्थान सृष्टि श्रेया कक्षा सप्तम और तृतीय स्थान आदित्य राज कक्षा अष्टम और प्रेरणा ने प्राप्त किया।

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