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झारखंड सरकार की अनदेखी एवं शिक्षा विभाग की लापरवाही बीपीएल बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़

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Jul 8, 2023

 

धनबाद। प्रत्येक वर्ष अपने बच्चों को अच्छे शिक्षा दिलाने के लिए पूरी दुनिया के लोग अमीर हो चाहे गरीब सभी लोग परेशान रहते हैं सभी को लगता है कि अपने बच्चे को अच्छे से अच्छा विद्यालय में नामांकन करावे और मेरा लाल भी पढ़ लिखकर बड़ा से बड़ा ऑफिसर फौजी या डॉक्टर बने इसी उम्मीद के साथ अमीर एवं गरीब अपने अपने बच्चों को नजदीकी विद्यालय में नामांकन के लिए फार्म भरते हैं जहां इस वर्ष अप्रैल माह से बीपीएल बच्चों की क्लास प्रारंभ होनी चाहिए थी जो अब तक नहीं हो सका है यह झारखंड सरकार की विफलता का प्रतिक है इसी संदर्भ में धनबाद के अभिभावकों ने बाल संरक्षण आयोग को सूचित किया था जिसमें आयोग की ओर से शिक्षा पदाधिकारी को निष्पादन का आदेश दिया गया इसी प्रक्रिया में मध्य विद्यालय झारूडीह में धनबाद जिला के जिला शिक्षा अधीक्षक भूतनाथ रजवार ने नामांकन के अंतिम प्रक्रिया के लिए अभिभावकों को बुलाया अभिभावक गण आए कागजात की जांच प्रक्रिया प्रारंभ हुई किंतु दलाली और अनियमितता को देखकर अभिभावक गण आपस में उलझ पड़े जिसमें कांग्रेस एवं बीजेपी नेता के बीच हाथापाई भी हुई स्थिति गंभीर होते देख शिक्षा अधीक्षक ने धनबाद थाना को सूचित कर पुलिस बुलाई तब जाकर मामला शांत हुआ। देखा जाए तो इस हाई वोल्टेज ड्रामा का मुख्य वजह यहां के शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला प्रशासन है क्योंकि यह सभी अब तक गहरी निद्रा में सो रहे थें इनको अपने देश धनबाद के गरीब बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं था अगर इस मामले को बाल संरक्षण विभाग पहल नहीं करती तो पता नहीं इस कार्रवाई में और कितना समय लगता भीड़ में लोगों के जुबान से यह सुनने को मिल रहा था कि यहां का शिक्षा व्यवस्था चौपट है सरकारी विद्यालय की स्थिति झारखंड बनने के बाद और खराब हो गई है लोगों का विश्वास सरकारी विद्यालय पर से पूरी तरह से उठ गया है जिसके कारण आज गरीब जनता निजी विद्यालय के इंतजार में इतने दिनों तक लगे रहते हैं परंतु यहां भी शिक्षा विभाग की मनमानी इतनी अधिक है कि गरीब बच्चे के भविष्य से इस तरह खिलवाड़ करते हैं। कुछ लोगों का कहना था कि यहां जांच प्रक्रिया आज से पहले क्यों नहीं कराई गई अबतक शिक्षा विभाग क्यों सो रहा था जिला प्रशासन इस मामले पर क्यों नहीं संज्ञान ले रही थी।


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