
अंतर्कथा : बरही/पंचम पाण्डेय
बरही प्रखंड अंतर्गत कोलहुआकला पंचायत के कोल्हूआ एवं करगाइयो एक महीने के अंदर कई पशुपालकों के करीब दर्जनों पशु काल के गाल में समा गए। इस रोग से दर्जनभर पशुओं के बीमार होने की भी खबर है। इस बीमारी से पशुपालकों में दहशत है। ग्रामीणों ने बताया कि 15 दिनों के अंदर संतोष यादव के चार, मनोज यादव के तीन, झरी यादव के एक, बाबूलाल यादव के एक, शंभू यादव के दो, बालगोविंद यादव के एक, प्रभु यादव के दो, बासुदेव यादव के दो, संदीप यादव के एक, नंदलाल यादव के एक, ईश्वर महतो के दो, रोहन महतो के एक समेत लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक पशु काल के गाल में समा गए हैं वही कई पशु बीमार है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्रा रोग के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है।पशुपालकों ने इस ओर विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सर्रा रोग से पीडि़त पशुओं के उपचार के लिए उचित व्यवस्था की मांग की है।

*क्या कहते है प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी मुकेश कुमार सिंह*

प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि सर्रा रोग के लिए सरकारी स्तर पर कोई टीका नहीं आता। इस बीमारी के लक्षण की सूचना मिलते ही प्रभावित गांव में जाकर दो दिनों तक पशुओं का उपचार किया तथा पशुपालको को भी भी आवश्यक जानकारी दी गई है। शुरुआती दौर में जिन पशुओं का उपचार किया गया था उन्हे बचाया जा सका पर देर से इलाज होने पर सर्रा बीमारी के लक्षण तेजी से फैलने के कारण नही बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि कोल्हुआ, जवाड एवं करगैयो में इंजेक्शन एवं दवाइयां उपलब्ध करा दिया है जिसका कल से तीनों गांवो में पशुओं को लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौसम बदलाव के साथ सर्रा पशुओं में तेजी से फैलता है। इस रोग का कोई टीका नहीं बना है। इसलिए रोग के प्राथमिक लक्षण दिखते ही तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। इंजेक्शन और दवाई जरूर लगाना चाहिए। इससे छह माह तक पशु को सर्रा नहीं हो सकता है।
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