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कुल्टी बराकर – बराकर में धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से गुरु पूर्णिमा मनाया गया

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Jul 30, 2026
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रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव

कुल्टी। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बराकर गायत्री शक्तिपीठ तथा संतमत सत्संग आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया । इस संबंध में बताया जाता है कि गुरु पूर्णिमा का अवसर पर बुधवार को बराकर शहर के वार्ड नंबर 68 गायत्री शक्तिपीठ में विभिन्न तरह के धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से गुरु पूर्णिमा मनाया गया । इस दौरान सर्वप्रथम गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या को अखंड जप साधन का आयोजन किया गया । इसके पश्चात गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातः 8:00 बजे से 12:00 बजे तक गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया ।

इस यज्ञ में आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर यज्ञ का लाभ उठाया तथा कई श्रद्धालुओं ने गायत्री महामंत्र की दीक्षा लिया । इसके पश्चात दोपहर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया । इस संबंध मे आयोजकों ने बताया कि बराकर गायत्री शक्तिपीठ में गुरु पूर्णिमा धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मनाया जाता है ।जहां कई अनुष्ठानों को पूरे भक्ति मय वातावरण में पूरा कर लिया गया और संध्या के समय दीप यज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ।

इस दौरान पूरे मंदिर परिसर को दीपों की जगमगाती रोशनी से सजाया जाएगा । इस अवसर पर बराकर गायत्री शक्तिपीठ मंदिर के पुजारी सहित ट्रस्टी सदस्यों में विजय कृष्ण खेवानी दीपक दुधानी नरेश गोयल उमंग पोद्दार ईश्वर भाई पटेल प्रवीण जैन पुरुषोत्तम अग्रवाल समेत अन्य सदस्य मौजूद थे । वहीं दूसरी ओर बराकर नदी तट स्थित संतमत सत्संग आश्रम में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भजन कीर्तन प्रवचन तथा गुरु शिष्य दीक्षा के अलावा भंडारा का भी आयोजन किया गया ।

इस संबंध संतमत सत्संग आश्रम के स्वामी परेशान आनंद महाराज ने कहा कि सदियों से गुरु शिष्य की परंपरा चलती आ रही है । शिक्षा तकनीक नौकरी या व्यवसाय किसी भी क्षेत्र में आप जाएं लेकिन बिना गुरु के आशीर्वाद से किसी भी कार्य में सफलता हासिल नहीं हो सकती है और गुरु के मार्गदर्शन से ही कठिन से कठिन विद्या को हासिल किया जा सकता है ।

बेगुनिया स्थित गौरांग मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए । जहां क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु लोग मौजूद थे । इस अवसर पर साधु हरे कृष्ण बाबा ने कहा कि गुरु का ज्ञान मनुष्य के जीवन में एक प्रकाश के समान है जो अज्ञानता की अंधकार को दूर कर मनुष्य को सफलताओं की सर्वोच्च शिखर तक पहुंच जाता है ।


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