
हिन्दू कैलेंडर का आठवां माह कार्तिक विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस पूरे मास में स्नान दान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही यदि भक्त भगवान विष्णु को प्रसन्न करना चाहते हैं तो उनके लिए कार्तिक मास से अच्छा अवसर दूसरा कोई नहीं हो सकता।
*इसी माह में वैकुण्ठ चतुर्दशी के बाद आने वाली कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहा जाता है।*

कार्तिक को सबसे पवित्र माह में से एक माना जाता है। कई लोग कार्तिक माह के दौरान हर दिन सूर्योदय से पहले गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का संकल्प लेते हैं। कार्तिक माह के दौरान स्नान शरद पूर्णिमा के दिन शुरू होता है और कार्तिक पूर्णिमा पर समाप्त होता है।

*शुभ मुहूर्त :*
*कार्तिक पूर्णिमा -* 08 नवम्बर 2022, मंगलवार
*पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ -* 07 नवम्बर 2022 को 04:15 PM से
*पूर्णिमा तिथि समाप्त -* 08 नवम्बर 2022 को 04:31 PM तक
*स्नान का शुभ मुहूर्त शाम -* 04 बजकर 31 मिनट तक
*स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त -* 04:53 AM से 05:46 AM
कार्तिक पूर्णिमा पर सूर्योदय से पूर्व स्नान का विशेष महत्व है, ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना शुभ रहेगा। इसके अतिरिक्त पूर्णिमा तिथि के दिन स्नान शाम 04 बजकर 31 मिनट तक किया जा सकता है।
दान करने का शुभ समय 8 नवंबर को सूर्यास्त से पहले तक होगा। इसके बाद चंद्रग्रहण प्रारंभ होगा। चूँकि ग्रहण किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है, इसीलिए इस समय स्नान-दान करना भी वर्जित होगा।
कार्तिक पूर्णिमा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा के दिन कई अनुष्ठानों और त्योहारों का समापन होता है। तुलसी विवाह का उत्सव जो प्रबोधिनी एकादशी के दिन से शुरू होता है, कार्तिक पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक मास की एकादशी से पूर्णिमा के बीच किसी भी उपयुक्त तिथि पर तुलसी विवाह किया जा सकता है।
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