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आशा कार्यकर्ता बताएगी फाइलेरिया,कुष्ठ एवं मलेरिया से बचाव के तरीकों को,मिला ट्रेनिग।

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ByAdmin Office

Jan 12, 2024

 

अंतर्कथा प्रतिनिधि

जमुई झाझा -: लेप्रा सोसायटी रेफरल सेंटर के द्वारा आशा कार्यकर्ताओ को कुष्ठ,फाइलेरिया और मलेरिया बीमारी से ग्रस्ति मरीज की पहचान करने संग उसका इलाज करवाने को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण गुरूवार को रेफरल अस्पताल में दिया गया। प्रशिक्षण में प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डाॅ.अरूण कुमार,प्रबंधक सुभाषचंद्र बीसीएम पंकज कुमार, प्रमोद कुमार बीएमडब्ल्यू लेप्रोसी,लेप्रा सोसायटी से किशोरचंद्र कोअरी,फील्ड ऑफिसर भोलानाथ सिंह,सीमा कुमारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण दे रहे स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया का निदान करने लिये बीमारी से ग्रस्ति मरीजो को कई तरह की जांच किया जाता है जैसे रक्त में माइक्रोफाइलेरिया को देखते के लिये रक्त के नमूने की सूक्ष्म जांच की जाती है जो रात्रि में लिया जाना चाहिये। कुष्ठ रोग के लक्षण जैसे चमड़ी पर एक अनेक ऐसे दाग धब्बे हो जिसमें सूनापन,,समतल या उभरे दाग हो सकते है सहित कई लक्षण है।मलेरिया के लक्षण एवं बचाव के बारे में भी जानकारी दिया।चिकित्सा प्रभारी,लेप्रा से आये लोगो ने बताया कि अमूमन ग्रामीण क्षेत्र में फाइलेरिया,कुष्ठ और मलेरिया बीमारी से लोग ग्रस्ति होते है लेकिन उन्हे लक्षण का ज्ञान संपूर्ण रूप से नही होने के कारण वे अपना इलाज सही रूप से नही करवाते है।इसलिये क्षेत्र में फाइलेरिया,कुष्ठ,मलेरिया के लक्षण से अगर कोई ग्रस्ति है तो उनलोगों को बीमारी से बचाव को लेकर क्या क्या करना चाहिये इसके बारे में विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दी जाने वाली जानकारी को साझा करे और उन्हे अस्पताल में लाकर उनका ईलाज करवाये ताकि बीमारी से ग्रस्ति मरीजो को संपूर्ण इलाज की सुविधा प्रदान की जा सके।


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