• Fri. Feb 27th, 2026

अखंड सौभाग्य का प्रतीक है वट सावित्री व्रत,वट सावित्री व्रत बरगद के पेड़ में 7 बार लपेटते हैं कच्चा सूत

Admin Office's avatar

ByAdmin Office

May 19, 2023

 

*गोबिंदपुर* । गोबिंदपुर शुक्रवार को वट सावित्री पुजा यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को यह व्रत अखंड सौभाग्य प्राप्ति के लिए रखा जाता है पौराणिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे इसलिए वट सावित्री व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं व्रती महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और पेड़ की परिक्रमा करते हुए उसके चारों ओर कलावा बांधती हैं सुहागिन महिलाओं के लिए ये व्रत बेहद खास होता है सभी विवाहित महिलाएं इस व्रत को विधि-विधान के साथ रखती हैं!

*गोविंदपुर के विभिन्न मंदिरों में देखी गई काफी भीड़ गोविंदपुर वन काली मंदिर में भक्तों का लगा ताता*

वट सावित्री की पूजा वट वृक्ष के नीचे की जाती है अगर वट वृक्ष न हो तो आप वट की एक डाली तोड़कर भी पूजा कर सकते हैं इसके अलावा गमले में लगे बोनसाई वट का भी पूजा में प्रयोग कर सकते हैं इस व्रत की पूजा के लिए आपको इन सब वस्‍तुओं की जरूरत होती है!

वट वृक्ष, भीगे काले चने, बांस का पंखा, कलावा, मौसमी फल जैसे आम, लीची, अक्षत, अगरबत्ती, फूल लाल और पीले, केले का पत्ता, नए वस्त्र, जो लोग पहली बार वट सावित्री व्रत कर रहे हैं उनके लिए कपड़े का बना वर-वधू का जोड़ा, मिट्टी का घड़ा, दीप बाती घी, अगरबत्ती, तांबे के लोटे में गंगाजल मिला जल, सिंदूर, रोली मिठाई रोली, भीगे चने, अक्षत, कलावा, फूल, फल सुपारी, पान, मिष्ठान और बाकी चीजें अर्पित किया इसके बाद बांस के पंखे से हवा इसके बाद वट वृक्ष की परिक्रमा भी इसके लिए कच्चा धागा लेकर वृक्ष के 5 से 7 बार परिक्रमा फिर वहीं, वृक्ष के नीचे बैठकर सावित्री सत्यवान की पंडित जी ने कथा सुनाई फिर अपने पति की लंबी आयु के लिए कामना कया इसके बाद प्रसाद सभी लोगों बांटा गया।!


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *