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₹20,000 शिफ्टिंग राशि ठुकराई: कनकनी कोलियरी में विस्थापितों का हंगामा, ₹2 लाख मुआवजे की मांग

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Byadmin

Nov 30, 2025
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सेंद्रा 3 नंबर के 50 परिवारों ने 600 फुट के प्लॉट पर जाने से किया इनकार; प्रबंधन बोला- ‘सिर्फ ₹20 हजार का ही प्रावधान’

लोयाबाद। कनकनी कोलियरी अंतर्गत सेंद्रा 3 नंबर के लगभग 50 विस्थापित परिवारों ने शुक्रवार को प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित 600 वर्ग फुट भूमि पर शिफ्टिंग को साफ शब्दों में ठुकरा दिया। विस्थापितों ने ₹20 हजार की निर्धारित शिफ्टिंग राशि को बेहद कम बताते हुए मांग की कि कम से कम दो लाख रुपये मिलने पर ही वे जीएम बंगला के पास बनाए गए नए शिफ्टिंग स्थल में जाने पर विचार करेंगे।

क्षेत्रीय कार्यालय में तनाव

विरोध प्रदर्शन: विस्थापित परिवारों की टोली शुक्रवार को कनकनी क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची, जहाँ उन्होंने अधिकारियों से लंबे समय तक नोकझोंक, तीखी बहस और विरोध प्रदर्शन किया।

शिफ्टिंग स्थल का विरोध: अधिकारी विस्थापितों को नए शिफ्टिंग स्थल (पुराने जीएम बंगला के पीछे) पर ले गए, जहाँ स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। विस्थापितों ने मौके पर ही स्थल का विरोध करते हुए कहा कि 600 फुट जमीन में मकान बनाना मुश्किल है और ₹20 हजार में कौन नया घर शिफ्ट करेगा।

अंतिम चेतावनी: विस्थापितों ने स्पष्ट कर दिया, “जब तक दो लाख नहीं मिलेगा, हम अपनी पुरानी जगह छोड़कर नहीं जाएंगे। अब हमारा लाश ही उस घर से निकलेगा।”

प्रबंधन की योजना और मजबूरी

प्रबंधन अधिकारी विस्थापितों को समझाने की कोशिश में जुटे रहे, लेकिन राशि बढ़ाने में स्वयं को असमर्थ बताया।

प्रबंधन का पक्ष: परियोजना पदाधिकारी डीके सिन्हा ने बताया कि शिफ्टिंग के लिए ₹20 हजार का ही प्रावधान है, इससे अधिक राशि देना संभव नहीं है।

भूमि की तैयारी: कनकनी कोलियरी प्रबंधन ने पहले चरण में सेंद्रा 3 नंबर के 46 परिवारों को जीएम बंगला के पास शिफ्ट करने की योजना बनाई है। इसके लिए स्थल का समतलीकरण किया गया है और 600 फुट के प्लॉट की तरह चुने से मार्किंग की गई है।

उत्खनन की अनिवार्यता: प्रबंधन के अनुसार, सेंद्रा 3 नंबर की भूमि को कोयला उत्खनन के लिए कटिंग क्षेत्र के रूप में तैयार किया जाना है, इसलिए पूरे 258 परिवारों को वहाँ से हटाना अनिवार्य है।

परियोजना पदाधिकारी, डीके सिन्हा ने अंत में कहा कि 600 फुट जमीन एक परिवार के लिए पर्याप्त है और लोगों को पहले से बेहतर आकार की जगह दी जा रही है। उन्होंने सभी परिवारों से दोबारा बातचीत करने का आश्वासन दिया है।


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