• Sat. Mar 14th, 2026

सरायकेला: रसुनिया पंचायत भवन निर्माण में अनियमितता का आरोप, स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

admin's avatar

Byadmin

Mar 14, 2026

 

सरायकेला : जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत गांव रसुनिया में बन रहे पंचायत भवन के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों के बीच असंतोष और चिंता बढ़ती जा रही है।

 

रसुनिया पंचायत में पंचायत भवन किसी भी पंचायत के विकास की नींव माना जाता है, लेकिन जब उसी भवन की नींव में ही अनियमितताओं की आशंका दिखाई दे, तो भविष्य में उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं।

 

ग्रामीणों के अनुसार इस पंचायत भवन के निर्माण का टेंडर *अभिनव इंडिया* नामक कंपनी को मिला है। लेकिन निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित आवश्यक सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। नियम के अनुसार किसी भी सरकारी योजना के कार्यस्थल पर संवेदक का नाम, प्राक्कलित राशि, कार्य की अवधि, मजदूरी दर सहित अन्य जानकारी का बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद यहां बिना किसी सूचना बोर्ड के कार्य मनमाने तरीके से किया जा रहा है।

 

वही ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन निर्माण जैसे बड़े कार्य में कई मजदूरों की आवश्यकता होती है, लेकिन स्थल पर स्थानीय मजदूरों की भागीदारी लगभग नहीं के बराबर है। दिखावे के लिए केवल दो स्थानीय महिलाओं को काम पर रखा गया है, जिन्हें मजदूरी दर की भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। बात चित करने दौरान कार्य कर रहे लोगों ने बताया कि वे सभी *पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले* के रहने वाले हैं और अधिकांश मजदूर भी वहीं से लाए गए हैं। बताया गया कि स्थानीय दो महिलाओं को मात्र ₹250 प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही है।

 

इस पूरे मामले पर गांव के निवासी राकेश रंजन महतो ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि झारखंड की धरती पर बनने वाले सरकारी निर्माण कार्यों में झारखंड के ही मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या झारखंड में अब झारखंडियों को काम करने का भी अधिकार नहीं रह गया है, जबकि इस पंचायत में मजदूरों की कोई कमी नहीं है।

 

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। केवल नाममात्र का गड्ढा खोदकर दीवारों की ऊंचाई बढ़ाई जा रही है और घटिया गुणवत्ता के सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद अब तक संबंधित विभाग या अधिकारियों द्वारा कोई निगरानी या कार्रवाई नहीं की गई है।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पंचायत भवन निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में बनने वाला यह भवन मजबूत और गुणवत्तापूर्ण हो सके तथा स्थानीय मजदूरों को भी रोजगार का अवसर मिल सके।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *