
सरायकेला: सरायकेला क्षेत्र के टियुनियाॅं में भक्ति और आध्यात्म का एक अनूठा संगम होने जा रहा है। श्री श्री हरि संकीर्तन समिति, टियुनियाॅं के तत्वावधान में और श्री श्री चैतन्य महाप्रभु की असीम अनुकम्पा से, दल पंचमी के पावन अवसर पर ‘श्री श्री 108 कुंज महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान 6 मार्च से 16 मार्च 2026 तक पूरा क्षेत्र ‘श्री श्री राधा गोविन्द अखण्ड युगल नाम’ संकीर्तन से गुंजायमान रहेगा।

108 कुंजों में सजेगा भक्ति का दरबार

इस महायज्ञ की मुख्य विशेषता इसका दिव्य स्वरूप है। आयोजन में राधा कुंज सहित अष्ट सखी कुंज का निर्माण किया गया है, जहाँ श्रद्धालु अखंड युगल नाम संकीर्तन का रसास्वादन कर सकेंगे। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस प्रकार के महायज्ञ से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
9 दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा
समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, उत्सव की गतिविधियाँ निम्नलिखित रूप से संचालित होंगी:
6 मार्च (शुक्रवार): सुबह 9:00 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा। इसी दिन रात्रि में ‘गंधा दिवस’ मनाया जाएगा।
7 मार्च (शनिवार): राधा कुंज और सखी कुंज में अखंड जुगल हरि नाम संकीर्तन का विधिवत प्रारंभ होगा।
15 मार्च (रविवार): भक्तिमय ‘शुभ जागरण’ का आयोजन किया जाएगा।
16 मार्च (सोमवार): महोत्सव का समापन ‘धुलोट’, महाप्रसाद वितरण और कलश विसर्जन के साथ होगा।
श्रद्धालुओं को आमंत्रण
व्यवस्थापक श्री मृत्युंजय चैतन्य ब्रह्मचारी एवं समस्त ग्रामवासियों ने इस पावन आयोजन को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। श्री श्री हरि संकीर्तन समिति ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं को भी सपरिवार इस महायज्ञ में सम्मिलित होने का भावपूर्ण निमंत्रण दिया है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामूहिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का एक बड़ा माध्यम बनकर उभर रहा है।
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