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सरायकेला : चांडिल वन क्षेत्र में सिंगल टस्कर ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी, बाना गांव में शाम ढलते ही घुस रहा हाथी, धान की फसल रौंदी ।

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Oct 3, 2026
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सरायकेला : नीमडीह थाना के लुपुंगडीह पंचायत अंतर्गत बाना गांव में 4-5 दिनों से सिंगल टस्कर हाथी का आतंक, किसानों की खड़ी धान की फसल बर्बाद, वन विभाग ने भेजी एलिफेंट ड्राइव टीम ।

चांडिल वन क्षेत्र के बाना जंगल से निकलकर एक सिंगल टस्कर हाथी लगातार शाम ढलते ही बाना गांव में घुस रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने एलिफेंट ड्राइव टीम को हाथी को खदेड़ने के लिए भेजा है।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले चार से पांच दिनों से यह विशाल टस्कर गजराज शाम होते ही जंगल से निकलकर गरीब किसानों की कड़ी मेहनत से तैयार दूध भरी खड़ी धान की फसल को नष्ट कर रहा है। हाथी खेतों में घुसकर फसल खा जाता है और बाकी को पैरों तले रौंद देता है। इससे किसान वन विभाग के प्रति नाराजगी जता रहे हैं।

भोजन-पानी की तलाश में भटक रहे हाथी

सूत्रों के अनुसार दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी और गज परियोजना में हाथियों को पर्याप्त भोजन-पानी नहीं मिलने के कारण हाथियों का झुंड इन दिनों ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न जंगलों में डेरा डाले हुए है। शाम ढलते ही हाथी भोजन-पानी की तलाश में किसानों के लौकी, बैंगन, कद्दू और धान के खेतों में घुस जाते हैं।

कई बार तो हाथी खेतों से निकलकर सीधे गांव में घुस जाते हैं और घरों में रखे अनाज को खा जाते हैं। घरों को भी क्षतिग्रस्त कर देते हैं। इस दौरान ग्रामीण भागकर अपनी जान बचाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही हाथी गांव में आ जाता है, जिससे रात में घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। सिंगल हाथी जब गांव में प्रवेश करता है तो किसी को पता भी नहीं चलता, जबकि झुंड में आने पर आवाज से ग्रामीण सावधान हो जाते हैं।

मुआवजे की मांग

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग सिर्फ मोबाइल और पटाखे देकर चुप्पी साध लेता है, जबकि ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है। अब तक फसल नुकसान और क्षतिपूर्ति का मुआवजा भी वन विभाग द्वारा नहीं दिया गया है, जिससे किसानों में आक्रोश है।


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