

*सरायकेला–खरसावाँ* – जिला मुख्यालय स्थित सामुदायिक भवन में गुरुवार को शिक्षा के क्षेत्र में लोक-भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारंभ कस्तूरबा गांधी विद्यालय सरायकेला की छात्राओं द्वारा अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर एवं स्वागत गीत के माध्यम से किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने भाग लिया, जिसमें सरकारी विद्यालयों की स्थिति में सुधार, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा, नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी एवं अन्य उपस्थित अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

अपने संबोधन में जिला परिषद अध्यक्ष श्री सोनाराम बोदरा ने कहा कि शिक्षा समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों की नियमित निगरानी करें तथा विद्यालय प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बच्चों की उपस्थिति एवं शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करें।
नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका सरकार एवं समाज के बीच सेतु के रूप में महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समितियों को सुदृढ़ करने, अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने एवं विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने पर बल दिया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में लगभग 73 प्रतिशत बच्चों की ही विद्यालयों में नियमित उपस्थिति है, जबकि 27 प्रतिशत बच्चे विद्यालय से वंचित हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि निरक्षर अभिभावकों को साक्षर बनाने हेतु एनआईएलपी के अंतर्गत विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न पंचायतों से आए मुखियाओं द्वारा शिक्षकों की कमी, आधारभूत संरचना की स्थिति एवं मध्याह्न भोजन से संबंधित समस्याओं को साझा किया गया। प्रशासन द्वारा इन समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
सम्मेलन के अंत में सभी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान संचालित करने, विद्यालयों में नामांकन एवं उपस्थिति बढ़ाने तथा ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखिया को जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन 2026 में सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले मुखियाओं की सूची –
सरायकेला प्रखंड- श्रीमती जावेन्त्री मुर्मू( सीनी ),और श्री दशरथ महाली( मुंडाटांड़)
खरसावां प्रखंड – श्री मंगल सिंह जामुदा (जोजोड़ीह )और श्रीमती नागेश्वरी हेंब्रम ( रीडिंग)
कुचाई प्रखंड -श्री करम सिंह मुंडा (रुगुडीह) और श्री राम सोय( तिलो पदा)
गम्हरिया प्रखंड- श्रीमती संगीता हांसदा (बीरबांस )और श्रीमती पार्वती सरदार ( यशपुर)।
राजनगर प्रखंड- श्रीमती नमिता सोरेन (जनबनी )और श्री पिंटू सरदार (ऐदल)।
चांडिल प्रखंड- श्री मनोहर सिंह सरदार ( चांडिल) और श्री भीमसेन मुंडा ( उरमाल)।
नीमडीह प्रखंड- श्री सुभाष सिंह (आदरडीह )और श्री वरुण सिंह (बांडेदा)।
ईचागढ़ प्रखंड -श्रीमती रागिनी उरांव (लेपाटांड)और श्री अभिराम हांसदा ,(चिमटिया)।
कुकडू प्रखंड- श्री मंजीत सिंह( बेरासी सिरूम) और श्रीमती राचिका सिंह मुंडा( कुकड़ू)।
इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो, निदेशक डीआरडीए श्री अजय तिर्की, प्रखंड विकास पदाधिकारी सरायकेला यास्मिता सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कैलाश मिश्रा, प्रमोद जायसवाल, विभिन्न पंचायतों के मुखिया, सीआरपी, बीआरपी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
