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शहर से 15 किमी दूर बस स्टैंड ले जाने की योजना का कड़ा विरोध, रागिनी सिंह बोलीं- “जनता को परेशान कर रही सरकार

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Mar 12, 2026

धनबाद/रांची: धनबाद शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले बरटाँड़ बस स्टैंड को कतरास के लिलोरी स्थान स्थानांतरित करने के प्रस्ताव ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान झरिया विधायक रागिनी सिंह ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

 

विधानसभा में तीखे सवाल

विधायक रागिनी सिंह ने सदन में सूचना के माध्यम से सरकार को घेरते हुए कहा कि बरटाँड़ बस स्टैंड को शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर लिलोरी स्थान ले जाने की योजना पूरी तरह से अव्यावहारिक है। उन्होंने दलील दी कि धनबाद रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की वर्तमान दूरी कम होने के कारण यात्रियों को आवागमन में सुविधा होती है, लेकिन इसे दूर ले जाने से आम जनता, खासकर मजदूरों, छात्रों और ग्रामीण यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

 

“21 एकड़ जमीन का क्या?”

रागिनी सिंह ने एक महत्वपूर्ण तथ्य सदन के सामने रखते हुए कहा कि वर्तमान बस स्टैंड परिसर के पास ही लगभग 21 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है। वर्तमान में यह जमीन नगर निगम द्वारा एक निजी सफाई एजेंसी को दी गई है। विधायक ने सवाल किया कि जब शहर के केंद्र में इतनी बड़ी जमीन मौजूद है, तो यात्रियों को 15 किलोमीटर दूर भटकने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? क्या सरकार यात्रियों की सुविधा के बजाय निजी हितों को प्राथमिकता दे रही है?

 

आम जनता और व्यापारियों पर असर

धनबाद कोयलांचल का सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र है। रोजाना हजारों की संख्या में लोग बसों के जरिए बिहार, बंगाल और झारखंड के अन्य जिलों से यहाँ पहुँचते हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि बस स्टैंड के शहर से बाहर जाने से ऑटो और अन्य परिवहन खर्च दोगुना हो जाएगा। साथ ही, शहर की मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ना तय है।

 

आधुनिक बस स्टैंड की मांग

विधायक ने सरकार से मांग की है कि लिलोरी स्थान जैसी अव्यावहारिक योजना को तुरंत रद्द किया जाए और बरटाँड़ में उपलब्ध 21 एकड़ जमीन पर ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया बस स्टैंड विकसित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यात्रियों की सुविधा के खिलाफ कोई निर्णय लिया गया, तो जनता के साथ मिलकर इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

 

विधायक का आधिकारिक बयान

“जब धनबाद शहर के भीतर ही 21 एकड़ जमीन उपलब्ध है, तो बस स्टैंड को 15 किलोमीटर दूर ले जाने का कोई तर्क नहीं बनता। यह निर्णय सीधे तौर पर आम जनता और गरीब यात्रियों की जेब पर डाका डालने जैसा है। सरकार को जनहित में इस योजना पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए।”

 


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