
बेरमो/बोकारो थर्मल –
अपनी लंबित मांगों को लेकर बोकारो थर्मल विस्थापित एवं स्थानीय संघर्ष समिति के बैनर तले विस्थापितों ने डीवीसी के 500 मेगावाट ताप विद्युत केंद्र के मुख्य द्वार के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान विस्थापितों ने रोजगार, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रबंधन से ठोस पहल की मांग की।

कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से डीवीसी प्रबंधन को नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। इसमें नए ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना, विस्थापित परिवारों की पैनल सूची तैयार करने, स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने, पुनर्वास प्राप्त रैयतों को भूमि का स्वामित्व अधिकार देने तथा प्रभावित गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने जैसी मांगें शामिल थीं।

आंदोलन के बाद शाम में प्रबंधन और संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। जीएम (एचआर) एए कुजूर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। वार्ता के दौरान प्रबंधन ने कई मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। साथ ही योग्य विस्थापितों के गेट पास जारी करने की प्रक्रिया अगले दस दिनों में पूरी करने तथा पैनल सूची के कार्य को शीघ्र अंतिम रूप देने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में पुनर्वास से जुड़े मामलों पर भी आगे कार्रवाई करने की सहमति बनी। प्रबंधन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के बाद संघर्ष समिति ने 2 जून से प्रस्तावित चक्का जाम कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
वार्ता में प्रबंधन पक्ष से जीएम एचआर एए कुजूर, वरीय प्रबंधक पार्थ सारथी मुखर्जी और मैनेजर सुनील कुमार उपस्थित थे। वहीं संघर्ष समिति की ओर से करीम अंसारी, बालेश्वर यादव, वाजिद हुसैन, तैयब अंसारी, सुरेंद्र घासी, छत्रधारी गोप, मिथिलेश रजवार, दिनेश यादव और जोधन नायक सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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